Post Views: 0
Amar sandesh दिल्ली/फरीदाबाद।एनएचपीसी निगम मुख्यालय, फरीदाबाद में 15 अगस्त 2026 को देशभक्ति और उत्साह के साथ भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से हुआ। इसके बाद एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने ध्वजारोहण किया और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया।
इस अवसर पर निदेशक (परियोजनाएं) संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी) सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (वित्त) महेश कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक) परेश आर. राणपरा सहित एनएचपीसी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवारजन मौजूद रहे। देशभर में स्थित एनएचपीसी के क्षेत्रीय कार्यालयों, पावर स्टेशनों, परियोजनाओं और अन्य इकाइयों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी लाइव वेबकास्ट के माध्यम से समारोह से जुड़े।
समारोह को संबोधित करते हुए भूपेन्द्र गुप्ता ने एनएचपीसी परिवार को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता विकसित भारत की आधारशिला हैं तथा एनएचपीसी देश को विश्वसनीय और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने एनएचपीसी की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना में 1,000 मेगावाट क्षमता के कमीशनिंग और दिबांग बहुद्देशीय परियोजना की प्रगति को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि जलविद्युत एनएचपीसी की मुख्य शक्ति बनी रहेगी, जबकि पंप्ड स्टोरेज भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनेगा। सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी कंपनी अपनी भूमिका का विस्तार करेगी।
श्री गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय और परामर्श के माध्यम से एनएचपीसी की विशेषज्ञता को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना क्षेत्रों में विकास का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए सीएसआर गतिविधियों तथा स्थानीय समुदायों के साथ कंपनी की प्रतिबद्धता निरंतर बनी रहेगी।
तीस्ता-VI की घटना को याद करते हुए उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे संगठन की कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के मजबूत वित्तीय एवं परिचालन प्रदर्शन तथा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कर्मचारियों को एनएचपीसी की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सुरक्षा, गुणवत्ता, ईमानदारी और उत्कृष्टता को कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
एनएचपीसी के नवनियुक्त युवा कर्मचारियों से संवाद करते हुए गुप्ता ने उन्हें नई सोच, नवाचार और तकनीकी दक्षता के माध्यम से संगठन को मजबूत करने के लिए आगे आने को कहा। उन्होंने डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य आधुनिक तकनीकों के अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुभवी कर्मचारियों के ज्ञान और युवाओं की नई सोच का समन्वय एनएचपीसी को भविष्य की चुनौतियों के लिए और अधिक सक्षम बनाएगा।
उन्होंने कर्मचारियों से ऊर्जा और जल संरक्षण को दैनिक कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक कर्मचारी की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
विकसित भारत@2047 के संकल्प को दोहराते हुए गुप्ता ने कहा कि एनएचपीसी ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा विकास में अपनी भूमिका पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाएगा। साथ ही परियोजनाओं को सुरक्षित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर निरंतर जोर दिया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निगम मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ और ‘तिरंगा’ प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में देश की गौरवशाली यात्रा और राष्ट्रीय महत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित किया गया। एनएचपीसी ने देशभर में स्थित अपने सभी कार्यस्थलों पर भी देशभक्ति और उत्साह के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया।
Related