स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ पर ONGC ने दिया ऊर्जा आत्मनिर्भरता का संकल्प, अरुण कुमार सिंह बोले आजादी की तरह ऊर्जा सुरक्षा भी देश की स्वाभाविक ताकत हो’
Amar sandesh देहरादून। देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रभक्ति, शौर्य और बलिदान की गौरवगाथा को याद करते हुए मना रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के अनगिनत ज्ञात-अज्ञात सेनानियों और शहीदों के त्याग एवं बलिदान के कारण मिली आजादी के इस पावन अवसर पर देशभर में तिरंगा शान से लहराया गया और राष्ट्र ने अपने वीर सपूतों को कृतज्ञतापूर्वक नमन किया।
इसी क्रम में भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख ऊर्जा कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के देहरादून स्थित मुख्यालय में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे राष्ट्रभाव और गरिमा के साथ मनाया गया। ONGC के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अरुण कुमार सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर तिरंगे को सलामी दी गई और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण संदेश स्वतंत्रता और ऊर्जा सुरक्षा के बीच संबंध को लेकर रहा। अरुण कुमार सिंह ने अपने संबोधन में इस विचार को प्रमुखता दी कि जिस प्रकार किसी स्वतंत्र राष्ट्र के नागरिकों को अपनी स्वतंत्रता के अस्तित्व को लेकर हर दिन चिंता नहीं करनी चाहिए, उसी प्रकार किसी देश को अपनी ऊर्जा उपलब्धता को लेकर भी असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा किसी देश को यह चिंता नहीं करनी चाहिए कि उसकी ऊर्जा कहां से आएगी, ठीक उसी तरह जैसे उसे यह चिंता नहीं करनी चाहिए कि वह स्वतंत्र है या नहीं। दोनों उसकी स्वाभाविक शक्ति और सुरक्षा का हिस्सा होने चाहिए।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिया गया यह संदेश केवल ONGC के कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा की व्यापक जिम्मेदारी को रेखांकित करने वाला संदेश माना जा सकता है। भारत जैसे तेजी से बढ़ते राष्ट्र के लिए ऊर्जा केवल आर्थिक विकास का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, औद्योगिक प्रगति और आम नागरिक के जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आधार है।
तिरंगे के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता का संकल्प
समारोह में यह भावना प्रमुख रही कि देश ने राजनीतिक स्वतंत्रता हासिल करने के बाद अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ना है।
तिरंगे की ओर देखते हुए ONGC परिवार के लिए संदेश यही रहा कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की जिम्मेदारी केवल उत्पादन के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, विश्वसनीय और मजबूत ऊर्जा व्यवस्था तैयार करने की राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
ONGC की भूमिका इसी व्यापक राष्ट्रीय दायित्व से जुड़ी है—हर दिन, हर कुएं, हर अणु और हर मेगावाट के माध्यम से भारत की ऊर्जा जरूरतों की सेवा करना।
स्वतंत्रता दिवस पर ONGC परिसर में लहराता तिरंगा इसलिए भी विशेष संदेश देता दिखाई दिया कि देश की आजादी जिन बलिदानों से मिली, उसे मजबूत बनाए रखने के लिए आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
शहीदों को नमन, राष्ट्र निर्माण का संकल्प
इस अवसर पर देश के उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिनके संघर्ष और बलिदान ने भारत को स्वतंत्र राष्ट्र बनाया। स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि उन महान विभूतियों को स्मरण करने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को दोहराने का अवसर भी है।
ONGC का स्वतंत्रता दिवस समारोह इसी भावना के साथ राष्ट्र सेवा, ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प का प्रतीक बना।
तिरंगा जब देहरादून स्थित ONGC मुख्यालय पर शान से लहराया, तो उसके साथ एक संदेश भी स्पष्ट हुआ ऋक्षआजादी विरासत में मिली है, लेकिन राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है।
भारत के लिए। भारत की सेवा में।