बैंक ऑफ इंडिया में देशभक्ति के रंग में मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस, MD एवं CEO रजनीश कर्नाटक ने कहा राष्ट्र निर्माण में बैंक की भूमिका महत्वपूर्ण
“रिमझिम फुहारों के बीच तिरंगे की शान, बैंक ऑफ इंडिया ने दोहराया विकसित भारत का संकल्प”
Amar sandesh दिल्ली/मुंबई। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया के मुंबई स्थित बीकेसी मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना के साथ धूमधाम से मनाया गया।
“रिमझिम बरसात और देशभक्ति के उमंग भरे माहौल के बीच मुंबई के बीकेसी स्थित बैंक ऑफ इंडिया मुख्यालय में तिरंगा शान से लहराया। MD एवं CEO रजनीश कर्नाटक ने ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों के त्याग और बलिदान को नमन किया।”
इस अवसर पर बैंक के कार्यकारी निदेशक, मुख्य सतर्कता अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान के साथ पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा। स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए बैंक ऑफ इंडिया के MD एवं CEO रजनीश कर्नाटक ने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि आजादी हमें अनेक महान सेनानियों के त्याग, संघर्ष और समर्पण से मिली है। स्वतंत्रता के इस अमूल्य उपहार को सुरक्षित रखते हुए देश को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में एक जिम्मेदार और प्रतिबद्ध भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। बैंक का प्रयास देश के आर्थिक आधार को मजबूत करने के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों को वित्तीय अवसर उपलब्ध कराना और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने में सहयोग देना है।
युवा भारत की क्षमता को आर्थिक ताकत में बदलने पर जोर
रजनीश कर्नाटक ने भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताते हुए कहा कि भारत की मध्य आयु लगभग 29 वर्ष है। यह विशाल जनसांख्यिकीय लाभांश देश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यदि युवाओं की क्षमता, प्रतिभा और ऊर्जा को सही अवसर मिलें तो यही शक्ति भारत को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया उद्यमियों, किसानों और देश के नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। बैंक का उद्देश्य केवल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि देश के आर्थिक विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनना है।
विकसित और समावेशी भारत के निर्माण में बैंक की भूमिका
बैंक ऑफ इंडिया के MD एवं CEO श्री कर्नाटक ने कहा कि देश आज विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा में मजबूत आर्थिक आधार, उद्यमिता, कृषि क्षेत्र की मजबूती, रोजगार के अवसर और वित्तीय समावेशन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे समर्पण, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी अपने कार्य के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है।
नई ऊर्जा के साथ राष्ट्र सेवा का आह्वान
रजनीश कर्नाटक ने कर्मचारियों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को याद करने का भी दिन है। उन्होंने सभी से नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए अधिक मजबूत, समावेशी और समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
बैंक ऑफ इंडिया के मुख्यालय में आयोजित यह समारोह देश की स्वतंत्रता के गौरव, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में बैंक की जिम्मेदारी के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
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