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एनडीए का विशेष प्रस्ताव पारित, 12 वर्षों के सुशासन, विकास और जनकल्याण को बताया नए भारत की मजबूत नींव
अमर चंद्र
नई दिल्ली। भारतीय राजनीति के इतिहास में बुधवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार कार्यकाल में देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में इस अवसर पर एक विशेष प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी गई तथा उनके नेतृत्व में बीते 12 वर्षों की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया गया। “भारत मंडपम में आयोजित एनडीए बैठक के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक राजनीतिक पड़ाव पर उपस्थित नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।”
प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 10 जून 2026 को अपने कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे करते हुए छह दशक से अधिक समय से कायम एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। एनडीए नेताओं ने इसे देश की जनता के अटूट विश्वास, राजनीतिक स्थिरता और विकासोन्मुखी नेतृत्व की स्वीकृति का प्रतीक बताया।
प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने देश की बागडोर संभाली थी, तब अर्थव्यवस्था, प्रशासनिक व्यवस्था और निवेश का वातावरण अनेक चुनौतियों से घिरा हुआ था। आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले देशों में अपना स्थान बना चुका है। भारत वैश्विक निवेश, नवाचार और विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।
एनडीए ने कर व्यवस्था में सुधार, बैंकिंग क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण, पारदर्शी शासन, डिजिटल सेवाओं के विस्तार तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों को परिवर्तन का आधार बताया। प्रस्ताव में कहा गया कि अंतरिक्ष विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, हरित ऊर्जा, ड्रोन प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। आधुनिक रेलवे स्टेशन, वंदे भारत और अमृत भारत जैसी नई रेल सेवाएं, रिकॉर्ड रेल विद्युतीकरण, नए हवाई अड्डे, आधुनिक राजमार्ग तथा एकीकृत परिवहन तंत्र ने देश के विकास को नई गति प्रदान की है। दूरदराज क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पेयजल और संचार सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों को भी प्रस्ताव में प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
प्रस्ताव में कहा गया कि गरीब, किसान, महिला, युवा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा वंचित वर्गों के सशक्तीकरण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया गया। करोड़ों लोगों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा गया, आवास उपलब्ध कराए गए, स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक कार्यक्रम संचालित किए गए।
महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल करते हुए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन, महिला आरक्षण कानून तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि इन पहलों ने महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को नई मजबूती प्रदान की है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार की दृढ़ नीति का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में कहा गया कि आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देकर देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
एनडीए ने कहा कि आज विश्व मंच पर भारत की प्रतिष्ठा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। वैश्विक संकटों के दौरान भारत ने जिम्मेदार नेतृत्व का परिचय दिया है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की आवाज को नई शक्ति और सम्मान प्राप्त हुआ है।
भारत मंडपम में दिखी एनडीए की एकजुटता
भारत मंडपम में आयोजित बैठक में एनडीए के सभी प्रमुख सहयोगी दलों के नेता, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हुए। बैठक को गठबंधन की एकजुटता, राजनीतिक स्थिरता और विकसित भारत के साझा संकल्प के प्रदर्शन के रूप में देखा गया।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज आत्मविश्वास, सामर्थ्य और वैश्विक नेतृत्व की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को राष्ट्रीय संकल्प बताते हुए सभी सहयोगी दलों से जनभागीदारी के माध्यम से विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक देश को निराशा, लाचारी और हीन भावना के वातावरण में रखा गया। उन्होंने कहा कि जिस धीमी आर्थिक वृद्धि को कभी “हिंदू विकास दर” कहकर प्रचारित किया गया, उसे वास्तव में उस दौर की नीतिगत विफलताओं का प्रतीक माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारत नकारात्मक सोच से निकलकर आत्मविश्वास और उपलब्धियों के नए युग में प्रवेश कर चुका है।
बैठक में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा गया कि बीते 12 वर्षों में रखी गई मजबूत नींव आने वाले वर्षों में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
यह प्रस्ताव आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रस्तुत किया तथा नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो ने उसका अनुमोदन किया। प्रस्ताव का समर्थन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जीतन राम मांझी, एच.डी. कुमारस्वामी, एकनाथ शिंदे, चिराग पासवान, जयंत चौधरी, विष्णुदेव साय सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने किया। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने प्रस्ताव का वाचन किया।
बैठक के अंत में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित, आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए जनता के प्रति आभार व्यक्त किया।
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