Saturday, July 4, 2026
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दो नदियों के बीच बसा कुमाल्डी बना प्रेरणा: जनसहयोग, श्रमदान और आस्था से संवर रहा बाबा भैरव धाम

नई मंदिर समिति के नेतृत्व में जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण अभियान बना जनआंदोलन, मातृशक्ति, युवा शक्ति और प्रवासी ग्रामीण आर्थिक सहयोग व श्रमदान से निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

अमर चंद्र

नई दिल्ली/रिखणीखाल (पौड़ी गढ़वाल)।उत्तराखंड के जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड रिखणीखाल अंतर्गत स्थित ग्राम सभा कुमाल्डी आज धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और जनसहयोग की ऐसी मिसाल प्रस्तुत कर रहा है, जो पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बनती जा रही है। मदाल नदी और नौनिनाल नदी के बीच बसा यह रमणीय गांव चारों ओर हरियाली, शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। गांव तीन हिस्सों में बसा होने के बावजूद यहां के लोगों के बीच भाईचारा, आत्मीयता और सामाजिक समरसता आज भी उतनी ही मजबूत है, जितनी वर्षों पहले थी। यही एकजुटता इन दिनों बाबा भैरव धाम के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण अभियान में देखने को मिल रही है।

ग्राम कुमाल्डी के आराध्य बाबा भैरव मंदिर के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और मंदिर परिसर के विकास कार्य इन दिनों पूरे उत्साह के साथ जारी हैं। नवगठित मंदिर समिति के नेतृत्व में मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विकास तथा धार्मिक स्थल को अधिक भव्य स्वरूप देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

मंदिर समिति के अध्यक्ष शिवदयाल सिंह नेगी के नेतृत्व में इस अभियान को नई दिशा मिली है। उनके साथ कोषाध्यक्ष पृथ्वी पाल नेगी तथा सतपाल सिंह रावत ‘कमांडो’ दिन-प्रतिदिन विकास कार्यों की निगरानी करते हुए स्वयं श्रमदान भी कर रहे हैं। इसके अलावा भारत सिंह नेगी, महावीर सिंह रावत, पदविंदर सिंह नेगी सहित अनेक ग्रामीण पूरे समर्पण के साथ मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण में जुटे हुए हैं।

इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पूरे गांव की भागीदारी दिखाई दे रही है। मातृशक्ति साफ-सफाई, धार्मिक व्यवस्थाओं और अन्य कार्यों में बढ़-चढ़कर योगदान दे रही है, जबकि युवा शक्ति श्रमदान के माध्यम से मंदिर परिसर को नया स्वरूप देने में जुटी हुई है। वहीं, गांव से बाहर रह रहे परिवार और प्रवासी ग्रामीण भी आर्थिक सहयोग देकर इस पुनीत कार्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गांव के हर वर्ग का सहयोग इस अभियान को एक जनआंदोलन का स्वरूप दे रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि बाबा भैरव धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि गांव की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। नई समिति के गठन के बाद जिस समर्पण और पारदर्शिता के साथ विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं, उससे पूरे गांव में उत्साह और विश्वास का वातावरण है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि निकट भविष्य में यह धाम धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

ग्राम कुमाल्डी आज यह संदेश दे रहा है कि जब समाज सेवा, धार्मिक आस्था और सामूहिक सहयोग एक साथ जुड़ते हैं, तब विकास के नए आयाम स्थापित होते हैं। बाबा भैरव धाम का यह जीर्णोद्धार केवल मंदिर के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक सशक्त अभियान बन चुका है।

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