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डीपीएमआई में याद किए गए गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, जन्मदिन पर लोकभाषा संरक्षण का लिया संकल्प

डीपीएमआई में गूंजे गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के गीत, जन्मदिन पर मनाया गया प्रेरणा दिवस

Amar sandesh नई दिल्ली। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक एवं गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के जन्मदिन को भाषा अभियान संचालन समिति ने प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर लोकभाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम मंगलवार, 11 अगस्त को डीपीएमआई सभागार, अशोक नगर, दिल्ली में आयोजित हुआ।कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा के नवनियुक्त उपाध्यक्ष एवं डीपीएमआई के चेयरमैन विनोद बछेती विशेष रूप से उपस्थित रहे। वे उत्तराखंड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली के संरक्षक भी हैं। मंच के तत्वावधान में पिछले 16 वर्षों से उत्तराखंडी लोकभाषाओं की ग्रीष्मकालीन कार्यशालाएं निरंतर संचालित की जा रही हैं।


समारोह में डीपीएमआई केंद्र पर भाषा सीख रहे बच्चों ने उत्तराखंडी संस्कृति से ओत-प्रोत शानदार प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी। इसी के साथ इस वर्ष की भाषा कार्यशाला का विधिवत समापन भी हुआ। केंद्र प्रमुख हरीश असवाल, जितेंद्र बिष्ट सहित पूरी टीम ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण नरेंद्र सिंह नेगी के लोकप्रिय गीतों की संगीतमय प्रस्तुति रही। नरेंद्र सिंह नेगी जी के कार्यक्रम प्रबंधक विक्रम सिंह रावत के संयोजन में सुप्रसिद्ध लोकगायक मुकेश कठैत, उभरते युवा गायक संजय आर्य तथा संगीत निर्देशक  मोती शाह,ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को उत्तराखंडी लोकसंगीत की रंगत से भर दिया।


भाषा अभियान संचालन समिति के प्रमुख दयाल सिंह नेगी ने बताया कि वर्ष 2012 से डॉ. विनोद बछेती के संरक्षण में गढ़वाली, कुमाउनी और जौनसारी भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के लिए इन भाषाओं की निःशुल्क कक्षाएं आयोजित की जाती हैं। इस वर्ष दिल्ली-एनसीआर, गढ़वाल और कुमाऊं में 52 केंद्रों पर 24 मई से 9 अगस्त 2026 तक भाषा कक्षाएं संचालित की गईं।
उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि किसी समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान की संवाहक होती है। नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषाओं से जोड़ना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
कार्यक्रम में समिति के प्रमुख दयाल सिंह नेगी, सह-प्रमुख रेखा चौहान और दीपक डंडरियाल, सोशल मीडिया प्रमुख दिगपाल कैंतुरा सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न भाषा केंद्रों के प्रमुख, शिक्षक, सहयोगी, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इनमें दयाकिशन बहुगुणा, राधा मेहरा, मंजू उनियाल, आनंद सिंह, संगीता गुसाईं, राजेंद्र सिंह रावत सहित विभिन्न केंद्रों की टीमें शामिल रहीं।
। साहित्यकार जगमोरा, शैलांचली, केदारखंडी, जादूगर पसबोला तथा सुप्रसिद्ध मंच संचालक नीरज बवाड़ी समेत अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
शिक्षकों का होगा सम्मान
भाषा अभियान के संरक्षक विनोद बछेती ने बताया कि गढ़वाली, कुमाउनी और जौनसारी भाषाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए संचालित इन कार्यशालाओं के शिक्षकों का सम्मान समारोह 6 सितंबर 2026 को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर भाषा संरक्षण के लिए वर्षभर समर्पित भाव से कार्य करने वाले शिक्षकों और सहयोगियों को सम्मानित किया जाएगा।
नरेंद्र सिंह नेगी के जन्मदिन को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाने का यह आयोजन लोकभाषा, लोकसंस्कृति और नई पीढ़ी के बीच सेतु मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।

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