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स्वर्णिम सफलता की नई मिसाल बनी अंकिता ध्यानी, लैंसडाउन में जश्न तो गढ़वाल राइफल्स ने किया सम्मान का ऐलान

3000 मीटर स्टीपलचेज़ में राष्ट्रीय स्वर्ण जीतकर एशियन गेम्स के लिए चुनी गईं अंकिता, क्षेत्रवासियों ने बांटी मिठाइयां,

चंद्र मोहन जदली लैंसडाउन। उत्तराखंड की उभरती एथलीट और ‘गोल्डन गर्ल’ के नाम से प्रसिद्ध अंकिता ध्यानी ने भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे लैंसडाउन क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। बाजार में सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया और अंकिता के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कांग्रेस नेता रघुबीर बिष्ट के नेतृत्व में समर्थकों ने लैंसडाउन बाजार में मिष्ठान वितरण कर अंकिता को बधाई दी और विश्वास जताया कि वह आगामी एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत और उत्तराखंड का गौरव बढ़ाएंगी।

अंकिता के मामा चंद्रमोहन जदली ने बताया कि अंकिता ने बेहद कठिन परिस्थितियों में निरंतर संघर्ष और कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स के लिए अंकिता का चयन हो चुका है और पूरे क्षेत्र को उनसे स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीद है। अंकिता ने भी अपने संदेश में एशियन गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्र का सम्मान बढ़ाने का संकल्प दोहराया है।
इस बीच गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट ने भी अंकिता ध्यानी की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। रेजीमेंट के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने कहा कि अंकिता की सफलता पूरे उत्तराखंड और गढ़वाल राइफल्स परिवार के लिए गर्व का विषय है।
ब्रिगेडियर नेगी ने बताया कि पिछले वर्ष अंकिता अपने दोनों छोटे भाइयों के अग्निवीर शपथ ग्रहण समारोह में लैंसडाउन आई थीं, जहां गढ़वाल राइफल्स ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया था। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में अंकिता भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स का हिस्सा बनना चाहेंगी तो उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाएगा।
जश्न कार्यक्रम में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रांत खंतवाल, गंभीर सिंह रावत, रोशन शाह, संदीप नेगी, सतेंद्र नेगी, अनिल रावत, नरेंद्र सजवान, दिनेश पटवाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड की बेटी अंकिता ध्यानी की यह उपलब्धि प्रदेश की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है और अब पूरे देश की निगाहें एशियन गेम्स में उनके प्रदर्शन पर टिकी हैं।

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