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एथेनॉल मिश्रण पर भ्रामक प्रचार का किया खंडन, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, ऊर्जा सुरक्षा और देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी परियोजना पर रखी सरकार की स्पष्ट राय
अमरचंद की रिपोर्ट! नई दिल्ली।
कर्तव्य भवन स्थित पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा, एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) की प्रगति पर विस्तार से सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में वैश्विक ऊर्जा मानचित्र पर देश की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।
प्रेस वार्ता में हरदीप सिंह पुरी ने एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गलत नैरेटिव गढ़कर सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल मिश्रण आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, विदेशी मुद्रा की बचत करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सफल एवं विश्वसनीय पहल है। दुनिया के अनेक देशों में वर्षों से उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन का सुरक्षित उपयोग हो रहा है और भारत में भी इसके कोई प्रतिकूल परिणाम सामने नहीं आए हैं।
राजस्थान में निर्माणाधीन एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड को देश की ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य बताते हुए मंत्री श्री पुरी ने कहा कि लगभग 79,459 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना भारत की सबसे आधुनिक और विश्वस्तरीय रिफाइनरियों में शामिल होगी। इसकी 9 एमएमटीपीए रिफाइनिंग क्षमता तथा 2.4 एमएमटीपीए पेट्रोकेमिकल क्षमता देश को पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना में एचपीसीएल की 74 प्रतिशत तथा राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
मंत्री श्री पुरी ने बताया कि इस विशाल परियोजना में लगभग 30 हजार मीट्रिक टन स्ट्रक्चरल स्टील, 1.6 मिलियन घन मीटर कंक्रीट तथा 15 मिलियन घन मीटर से अधिक खुदाई का कार्य किया गया है, जो इसे देश के सबसे बड़े औद्योगिक निवेशों में शामिल करता है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में कमी अवश्य आई है, लेकिन तेल विपणन कंपनियां अभी भी पश्चिम एशिया संकट के दौरान खरीदे गए महंगे कच्चे तेल के स्टॉक का उपयोग कर रही हैं। ऐसे में तत्काल खुदरा कीमतों में कमी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें लगातार दो से तीन महीने तक नीचे बनी रहती हैं, तो उसी के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।
ऊर्जा सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं होने दी गई। सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की।
उन्होंने यह भी बताया कि अगले छह से बारह महीनों में भारत की रिफाइनिंग क्षमता 300 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी। साथ ही देश में एक दशक बाद स्थापित हो रही नई ग्रीनफील्ड रिफाइनरी भी उत्पादन शुरू करेगी, जिससे भारत वैश्विक ऊर्जा बाजार में और अधिक मजबूत स्थिति प्राप्त करेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री ने बताया कि स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में उपभोक्ता एलपीजी से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रमुख लक्ष्य ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, स्वच्छ ईंधनों का विस्तार करना तथा देश के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल ढांचे को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाना है।
प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे बड़े निवेश, आधुनिक रिफाइनरियों की स्थापना और उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि से भारत शीघ्र ही ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।
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