Amar sandesh नई दिल्ली, 20 अगस्त। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध अरबिंदो कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के स्वयंसेवकों ने कमला नेहरू रिज में दिल्ली विश्वविद्यालय एवं वन विभाग के सहयोग से आयोजित वृक्षारोपण अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत आयोजित इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
अभियान के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने पौधरोपण के साथ उनके संरक्षण और नियमित देखभाल के महत्व को भी समझा। स्वयंसेवकों ने संदेश दिया कि पेड़ केवल पर्यावरण का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन का आधार और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर हैं। प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं, बल्कि उसकी निरंतर देखभाल और संरक्षण से पूरी होती है।
कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय एवं वन विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर रूपम कपूर की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने स्वयं वृक्षारोपण अभियान में सहभागिता करते हुए छात्रों को पेड़ों के पर्यावरणीय महत्व और उनसे होने वाले लाभों के बारे में जागरूक किया। उनका मार्गदर्शन और प्रोत्साहन स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणादायी रहा।
कॉलेज के कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार, प्राचार्य प्रो. अरुण चौधरी के निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से एनएसएस इकाई द्वारा वर्षभर विभिन्न सामाजिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें सफाई अभियान, ‘चलो स्कूल चले’, डेंगू से बचाव, करियर काउंसलिंग, जरूरतमंद बच्चों को वस्त्र वितरण और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सुश्री आकृति सैनी ने किया। उन्होंने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में एनएसएस समिति के मुख्य दल अध्यक्ष शिवम् चौहान, उपाध्यक्ष शशिकांत कुमार, सचिव प्रिया पाण्डेय, परियोजना समन्वयक कुलसुम तथा अन्य स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण चौधरी ने कहा कि कॉलेज में विद्यार्थियों को शैक्षणिक शिक्षा के साथ पाठ्य सहगामी गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि “प्रकृति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। एक पौधा लगाना स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भविष्य की दिशा में सार्थक कदम है।” उन्होंने छात्रों और दिल्ली के युवाओं से अपने आसपास कम से कम एक पेड़ लगाने तथा उसके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पेड़ सुरक्षित रहेंगे तो पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियां भी सुरक्षित रहेंगी।