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-डॉ के सी पांडेय
झांसी 22 अप्रैल, 2026 । बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती और ICAR–CAFRI (केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान) के प्रांगण में आज पर्यावरण संरक्षण की एक नई अलख जगाई गई। सेव द एनवायरनमेंट (STE) सोसाइटी, कोलकाता एवं गुरुग्राम द्वारा CAFRI के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरणीय खतरों से जूझ रही धरती की रक्षा के लिए वैज्ञानिक और सामाजिक विमर्श को साझा करना है। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RLBCAU), झांसी के कुलपति डॉ. ए. के. सिंह द्वारा किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, नई दिल्ली के सलाहकार डॉ. निलोय खरे तथा DRDO के संयुक्त निदेशक डॉ. एस. के. सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सम्मेलन के दौरान पर्यावरण और समाज के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए विभूतियों का सम्मान भी किया गया, जिसमें डॉ. ए. के. सिंह को ‘STE डॉ. प्रलॉय ओ. बसु लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ और डॉ. निलोय खरे को ‘सस्टेनेबिलिटी रत्न लीडरशिप अवार्ड’ से विभूषित किया गया।
अपने संबोधन में विद्वान अतिथियों ने बदलती जलवायु और बढ़ती चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए सामूहिक प्रयासों और सतत विकास को अपनाने पर बल दिया।
पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में उपस्थित सभी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। इस सम्मेलन की सार्थकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश के विभिन्न कोनों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से हिस्सा लिया।
दाइकी एक्सिस इंडिया (एक जापानी कंपनी, जो पैकेज़्ड विकेंद्रीकृत STP के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनी है) के श्री के सी पांडेय ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और इस विषय पर अपना व्याख्यान दिया कि किस प्रकार Johkasou law और Johkasou technology के जापानी मॉडल को भारत में ‘ग्रे’ और ‘ब्लैक’ जल प्रबंधन के क्षेत्र में अत्यंत प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
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