महाराष्ट्रराष्ट्रीय

रायगढ़ महाराष्ट्र की जनता के जनप्रिय नेता सुनील दत्तात्रेय तटकरे: विकास, अनुभव और सहज नेतृत्व की पहचान

“पद बड़ा हुआ, लेकिन जनता से जुड़ाव और अपनापन आज भी वैसा ही कायम है, विकास ही जिनकी राजनीति की सबसे बड़ी पहचान सुनील दत्तात्रेय तटकरे

 

अमर चंद्र

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में जब अनुभवी, जनसरोकारों से जुड़े और विकास को प्राथमिकता देने वाले नेताओं की चर्चा होती है, तो रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद सुनील दत्तात्रेय तटकरे का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। पांच दशक के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने स्थानीय स्तर से लेकर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति तक अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्तमान में वे रायगढ़ से दूसरी बार लोकसभा सांसद हैं और संसद की पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष (Chairperson) के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

10 जुलाई 1955 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में जन्मे सुनील तटकरे आज लगभग 71 वर्ष के हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा कोलाड में प्राप्त की और आगे विज्ञान विषय की पढ़ाई की। सार्वजनिक जीवन में आने से पहले वे ठेकेदारी के क्षेत्र से भी जुड़े रहे, लेकिन जनसेवा का संकल्प उन्हें राजनीति में ले आया।

सुनील तटकरे का राजनीतिक सफर 1980 के दशक में शुरू हुआ। उन्होंने कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और वर्ष 1999 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के गठन के साथ उसमें शामिल हो गए। वे कई बार महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य चुने गए और राज्य सरकार में वित्त, जल संसाधन, ऊर्जा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे। प्रशासनिक अनुभव और निर्णय क्षमता के कारण उन्हें राज्य की राजनीति का प्रभावशाली चेहरा माना जाता है।

वर्ष 2019 में पहली बार रायगढ़ से लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने क्षेत्र की सड़क, बंदरगाह, सिंचाई, पर्यटन और आधारभूत संरचना से जुड़े मुद्दों को संसद में लगातार उठाया। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज कर जनता का विश्वास कायम रखा। संसद में वे विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं।

वर्तमान में वे लोकसभा की पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। इस जिम्मेदारी के तहत वे देश की ऊर्जा सुरक्षा, पेट्रोलियम क्षेत्र की नीतियों और सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की संसदीय समीक्षा का नेतृत्व कर रहे हैं।

रायगढ़ और महाराष्ट्र की जनता के बीच सुनील तटकरे की पहचान एक मिलनसार, सहज, सरल और सभी वर्गों की बात सुनने वाले नेता के रूप में है। समर्थकों का कहना है कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विकास को प्राथमिकता देते हैं और आम लोगों से सीधे संवाद बनाए रखते हैं। यही कारण है कि वे अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं।

आज सुनील दत्तात्रेय तटकरे केवल रायगढ़ के सांसद ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं जिनका अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और विकास के प्रति समर्पण उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाता है। संसद से लेकर अपने लोकसभा क्षेत्र तक वे विकास, जनकल्याण और सुशासन को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Share This Post:-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *