दिल्ली

सुरक्षित, टिकाऊ और मानव-केंद्रित निर्माण ही आधुनिक भारत की पहचान बनेगा – अनुराग सिन्हा

नवी मुंबई में अखिल भारतीय सेमिनार में विशेष अतिथि के रूप में किया प्रतिनिधित्व, मानव-केंद्रित गगनचुंबी इमारतों के निर्माण पर दिया विज़न

Amar sandesh नई दिल्ली/नवी मुंबई। भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) के कार्यकारी निदेशक (तकनीकी) अनुराग सिन्हा ने नवी मुंबई में आयोजित अखिल भारतीय सेमिनार “Reaching New Heights Overcoming High-Rise Construction Challenges” में विशेष अतिथि के रूप में EIL का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के सामने ऊंची इमारतों के निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी विशेषज्ञ राय रखी‌।

इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) नवी मुंबई लोकल सेंटर द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय सेमिनार में केंद्रीय एवं राज्य सरकारों के अधिकारियों, सार्वजनिक उपक्रमों, आर्किटेक्ट्स, इंजीनियरों, कंसल्टेंट्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों सहित देशभर से 100 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया।

सेमिनार के प्रमुख नेतृत्व पैनल “Beyond Skyline: Creating Human Centered Tall Buildings” में अनुराग सिन्हा ने गगनचुंबी इमारतों के निर्माण से जुड़ी आधुनिक चुनौतियों और समाधानों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने वर्टिकल आइसोलेशन, साझा सामाजिक स्थानों की आवश्यकता, उन्नत निर्माण सामग्री एवं संरचनात्मक प्रणालियों, पर्यावरणीय जोखिमों तथा सुरक्षित, टिकाऊ और मानव-केंद्रित भवनों के विकास पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में केवल ऊंची इमारतें बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे भवनों का निर्माण आवश्यक है जो लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाएं, पर्यावरण के अनुकूल हों और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप टिकाऊ साबित हों।

इस अवसर पर EIL के महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष (आर्किटेक्चर) अर. अनीश कुंडू तथा उप प्रबंधक (स्ट्रक्चरल) इंजीनियर राहुल कुमार भी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन एक प्रतिष्ठित ‘नवरत्न’ सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जिसने ऊर्जा, रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल, अवसंरचना और औद्योगिक परियोजनाओं के क्षेत्र में भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

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