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-डॉ के सी पांडेय
जीसस एंड मैरी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने आईआईटी-रुड़की के आईसीएआरएस (इंटीग्रेटेड सेंटर फॉर एडेप्टेशन, डिजास्टर रिस्क रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी) के सहयोग से प्रो. अनिल के. गुप्ता के मार्गदर्शन में “कम्युनिटी पार्टिसिपेशन स्टडी फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन इन दिल्ली: एनालाइजिंग पेमेंट फॉर इकोसिस्टम सर्विसेज एज ए स्ट्रैटेजी टूल” शोध परियोजना पूरी की है।
इस सिलसिले में आयोजित एक ऑनलाइन परामर्श कार्यशाला के दौरान प्रो. सिस्टर मॉली अब्राहम ने प्रतिष्ठित पर्यावरण विशेषज्ञों के पैनल का स्वागत किया और सामाजिक लाभ के लिए निरंतर बहुपक्षीय सहयोग के अपने दृष्टिकोण को साझा किया।
कार्यशाला में डॉ. दिव्या अग्रवाल ने छात्रों की टीम के साथ इस शोध को देश के प्रमुख विशेषज्ञों डॉ. रितेश (निदेशक, वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया), डॉ. जी. ग्रीनडेल (निदेशक, टेक्नोलॉजी फॉर कंजर्वेशन, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया), श्री मुनीश कौशिक (कंट्री एडवाइजर, कॉर्डेड नीदरलैंड्स) और सुश्री अर्चचना चटर्जी (प्रोग्राम मैनेजर, आईयूसीएन-इंडिया कंट्री ऑफिस)के समक्ष प्रस्तुत किया। इन दिग्गजों द्वारा दिए गए विचार, मार्गदर्शन, शोध टीम के प्रति सराहना और हरसंभव सहायता प्रदान करने की उनकी इच्छा निश्चित रूप से इस चल रहे शोध की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को बढ़ाने में अत्यधिक मददगार साबित होगी।
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