दिल्लीहमारी संस्कृति

नन्हीं प्रतिभाओं ने बिखेरा हिंदी का जादू, हिंदी भवन में गूंजी साहित्य और संस्कृति की स्वर लहरियां

Amar sandesh नई दिल्ली। हिंदी भाषा के प्रति नई पीढ़ी का बढ़ता लगाव और उनकी अद्भुत प्रतिभा रविवार को उस समय देखने को मिली, जब हिंदी भवन में आयोजित ‘हिंदी प्रतिभा प्रदर्शन समारोह’ में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने कविता, भाषण, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बच्चों की हिंदी अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और संस्कारयुक्त प्रस्तुतियों ने सभी को भाव-विभोर कर दिया।
समारोह का आयोजन दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन एवं हिंदी प्रतिभा पुंज संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में विष्णु दिगंबर मार्ग स्थित हिंदी भवन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात गीतकार एवं दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा मोहन तथा राजेश श्रीवास्तव ने की, जबकि वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती सविता चड्ढा का सान्निध्य प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए श्रीमती इंदिरा मोहन ने कहा कि “हिंदी संस्कार, आत्मीयता और प्रेम की भाषा है। नन्हे बच्चों की हिंदी प्रतिभा देश के भविष्य के लिए आशा जगाती है। यदि इन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिलते रहे, तो ये हिंदी के सच्चे ध्वजवाहक बनेंगे।”
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और बाल प्रतिभा सुरम्या शर्मा द्वारा प्रस्तुत मनोहारी सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद विभिन्न आयु वर्गों के 20 प्रतिभागियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से दर्शकों की भरपूर वाहवाही बटोरी।
समारोह में ऋषि कुमार शर्मा, डॉ. विवेक गौतम और श्री राम अवतार बैरवा को विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. रवि शर्मा ‘मधुप’ एवं डॉ. सुधा शर्मा ‘पुष्प’ ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अंगवस्त्र, माला और पुस्तक भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन नीलम मदान, प्रदन्या शर्मा और सरिता गुप्ता ने प्रभावशाली ढंग से किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
समारोह की सफलता में श्रीमती तरुणा पुंडीर एवं भावना अरोड़ा की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने के.आर. मंगलम विद्यालय के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों और समाजसेवियों ने इसे हिंदी भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बताया।
उपस्थित प्रमुख जनों में ज्योति स्वरूप गौड़, डॉ. नीलम वर्मा, आचार्य अनमोल, कीर्तिवर्धन, नवीन गुप्ता, मुहम्मद इसहाक खान, डॉ. रेखा चंदोला, तूलिका सेठ, सुनील विज, रामानुज सुंदरम, वीरेंद्र सैनी, प्रदीप कुमार, शोभा ठाकुर, कमलेश्वर शरण, समीर सक्सेना, अभिलाष, प्रेम सागर ‘प्रेम’, पुष्पा सिन्हा और सूक्ष्मलता महाजन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
हिंदी प्रतिभाओं को मंच देने वाला यह आयोजन न केवल साहित्यिक ऊर्जा का केंद्र बना, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि हिंदी का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा के गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार है।

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