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Amar sandesh नई दिल्ली ।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 12 हजार टन प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर 100 प्रतिशत ईपीआर (एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी) अनुपालन हासिल किया है।
एचपीसीएल के लुब्रिकेंट्स व्यवसाय ने पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए अपने उत्पादों की प्लास्टिक पैकेजिंग में 30 से 40 प्रतिशत तक पोस्ट कंज्यूमर रिसाइकिल्ड (PCR) सामग्री का उपयोग शुरू किया है। कंपनी का प्रमुख उत्पाद एचपी रेसर ग्रीन अब 100 प्रतिशत पीसीआर पैकेजिंग में उपलब्ध है, जो पर्यावरण संरक्षण और उच्च प्रदर्शन के संतुलन का उदाहरण है।
कंपनी 100 प्रतिशत पुनर्चक्रण योग्य टिन पैकों का भी निर्माण कर रही है, जिससे संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग, वजन और अपशिष्ट में कमी तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। यह पहल भारत सरकार के मिशन लाइफ (LiFE) के उद्देश्यों के अनुरूप है।
एचपीसीएल के अनुसार, पीसीआर सामग्री तैयार करने के लिए उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग के बाद फेंके गए प्लास्टिक को एकत्र कर उसकी सफाई, प्रसंस्करण और ग्रेन्यूल निर्माण की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इससे न केवल प्लास्टिक कचरे का पुनः उपयोग संभव हो रहा है, बल्कि कचरा संग्रहण क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के ईपीआर नियमों के तहत एचपीसीएल ने बाजार में उतारे गए प्लास्टिक के बराबर मात्रा की पुनः वसूली का लक्ष्य भी पूर्ण कर लिया है। कंपनी द्वारा बाजार में भेजे गए लगभग 12 हजार टन प्लास्टिक को वापस एकत्र कर उत्पादक उपयोग में लाया जा रहा है।
कंपनी का कहना है कि पुनर्चक्रित प्लास्टिक की लागत सामान्य प्लास्टिक की तुलना में अधिक होने के बावजूद वह पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के लिए सतत पैकेजिंग को बढ़ावा देने के अपने संकल्प पर कायम है।
“एचपी रेसर ग्रीन 100 प्रतिशत रिसाइकिल्ड पैक, हरित भविष्य के प्रति 100 प्रतिशत प्रतिबद्धता” के संदेश के साथ एचपीसीएल स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
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