रुद्रप्रयाग जनपद के टुखिंडा गांव की निवासी हेमा नेगी करासी वर्षों से उत्तराखंड की पारंपरिक जागर, मांगल, लोकगीत और लोक संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। अपनी मधुर आवाज़ और विशिष्ट गायन शैली के माध्यम से उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है।