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अभय कुमार सिंह की किताब ‘ए कर्मयोगी’ बनी चर्चा का केंद्र, स्कोप सभागार में हुआ शानदार विमोचन

स्कोप परिसर में ‘ए कर्मयोगी’ का भव्य विमोचन, सार्वजनिक उपक्रमों की अनकही सच्चाइयों पर डाली रोशनी पूर्व  सीएमडी एनएचपीसी अभय कुमार सिंह ने

 

Amar sandesh

नई दिल्ली।राजधानी दिल्ली के स्कोप परिसर के सभागार में एनएचपीसी लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अभय कुमार सिंह की पुस्तक “A Karma Yogi – The Untold Realities of Life in India’s CPSEs” का भव्य विमोचन किया गया। यह पुस्तक केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यकलाप, चुनौतियों और नेतृत्व के अनुभवों पर आधारित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जा रही है।

पुस्तक में अभय कुमार सिंह ने अपने आरंभिक जीवन से लेकर एनएचपीसी के शीर्ष पद तक की यात्रा को विस्तार से प्रस्तुत किया है।इसमें सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यप्रणाली, निर्णय लेने की जटिलताओं, जिम्मेदारियों और नेतृत्व के व्यावहारिक अनुभवों का सजीव वर्णन किया गया है।

विमोचन समारोह में विद्युत मंत्रालय के पूर्व सचिव उमा शंकर, अरुणाचल प्रदेश सरकार के पूर्व प्रधान सलाहकार एच.के.पालीवाल, उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, श्रीमती सुधा सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इस मौके पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि यह पुस्तक सार्वजनिक क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक मार्गदर्शक साबित होगी।

इस अवसर पर विद्युत मंत्रालय के पूर्व सचिव उमा शंकर ने अपने संबोधन में कहा कि यह पुस्तक केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत अधिकारियों के सामने आने वाली नीतिगत और प्रशासनिक चुनौतियों को समझने में अत्यंत उपयोगी है।अरुणाचल प्रदेश सरकार के पूर्व प्रधान सलाहकार एच.के. पालीवाल ने कहा कि अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में राज्य में जलविद्युत परियोजनाओं को नई दिशा मिली और कई जटिल परियोजनाओं को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया।

पुस्तक के लेखक एवं एनएचपीसी के पूर्व सीएमडी अभय कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने अनुभवों को ईमानदारी से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, ताकि नई पीढ़ी इससे सीख लेकर देश के विकास में योगदान दे सके। उन्होंने कहा कि किसी भी जिम्मेदारी को निभाने में समर्पण, सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण हैं।

इस अवसर पर सुधा सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में परिवार के सहयोग से ही यह यात्रा संभव हो सकी और यही विश्वास सफलता का आधार बना।

कार्यक्रम में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि, राजनयिक, पत्रकार और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरा समारोह प्रेरणादायक और विचारोत्तेजक रहा।

यह पुस्तक सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के उन पहलुओं को उजागर करती है, जो अक्सर परदे के पीछे रह जाते हैं, और देश की ऊर्जा सुरक्षा व औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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