Sunday, August 16, 2026
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आम जनता को उत्तराखंड मे शीघ्र सेना चिकित्सालय में मिलेगी चिकित्सा सुविधा: अनिल बलूनी

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने उत्तराखंड की जनता के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी पहल करते हुये, रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के साथ एक बैठक में उत्तराखंड के सामान्य नागरिकों को भी सेना के चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार देने हेतु अनुरोध किया। जिस पर रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने सैद्धांतिक सहमति दी है। यह निर्णय पर्वतीय जनता की स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में मील का पत्थर होगा। अर्धसैनिक बलों के चिकित्सकों द्वारा भी उपचार मिले इस सम्बन्ध में कल श्री बलूनी केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेग
 सांसद बलूनी की रक्षा मंत्री के साथ उनके साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय में भेंट हुई। बैठक में उत्तराखंड के उन सैन्य क्षेत्रों (छावनियों) में, जहां सेना के चिकित्सक उपलब्ध हैं, उनके द्वारा राज्य के सामान्य नागरिकों को भी चिकित्सकीय सहायता मिले इस विषय पर रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला  सीतारमण से भेंट की , तथा दुर्गम क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य की सुविधा प्रदान करने पर चर्चा हुई। भेट के बाद श्री बलूनी ने कहा कि रक्षा मंत्री ने राज्य के पलायन की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वे स्वयं उत्तराखंड की परिस्थितियों से अवगत हैं और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा रोजगार के लिए निरंतर राज्य से पलायन जारी है, जो कि चिंता की बात है।  निःसंदेह सीमांत वासियों के लिए स्वास्थ्य की सुविधा प्राथमिक रूप से मिलनी चाहिये। इसके कार्यान्वन के लिए सेना के संबंधित कमान से चर्चा करेंगी।
 सांसद बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश में सेना के साथ-साथ ITBP SSB और CRPF की बटालियनें भी हैं, इस संबंध में कल केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ  से भेंट का समय तय हुआ है। गृहमंत्री से अर्धसेना बलों के चिकित्सकों के माध्यम से भी स्थानीय नागरिकों को मेडिकल सुविधा देने हेतु अनुरोध करेंगे।
 सांसद बलूनी ने कहा कि सेना के देहरादून, रुड़की, लैंसडाउन, हर्षिल, रुद्रप्रयाग, जोशीमठ, रानीखेत, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ व धारचूला में सैन्य क्षमता के आधार पर मिलिट्री हॉस्पिटल, फील्ड हॉस्पिटल, सेक्शन हॉस्पिटल और जनरल हॉस्पिटल कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर ECHS क्लिनिक कार्य कर रही हैं। रक्षा मंत्री से अनुरोध किया गया कि केवल प्राथमिक उपचार, औषधि और मरहम पट्टी स्तर की क्लीनिक जो आम नागरिकों के लिए कुछ घंटे दैनिक रूप से सेवा दें ताकि नागरिकों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी राहत मिल सके।
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