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कुत्तों से डर नहीं, समझदारी से व्यवहार जरूरी: ‘पॉज़ एंड प्रोटेक्ट’ ने दिया इंसानियत का संदेश

अरबिंदो कॉलेज की NSS इकाई का अनूठा जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक से समझाया कुत्तों को छेड़ना, डराना और भोजन करते समय परेशान करना पड़ सकता है भारी

ओAmar sandesh नई दिल्ली।कुत्तों के काटने की घटनाओं से बचाव और मानव-पशु के बीच सुरक्षित एवं संवेदनशील व्यवहार को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री अरबिंदो कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने मंगलवार को ‘पॉज़ एंड प्रोटेक्ट’ नाम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि पशुओं से दूरी बनाए रखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके व्यवहार को समझना और उनके साथ मानवीय एवं जिम्मेदार व्यवहार करना भी जरूरी है।

कार्यक्रम में मीडिया संयोजक प्रो. हंसराज सुमन ने कहा कि कुत्ते भी समाज और परिवार का हिस्सा हैं तथा वे भी स्नेह और संवेदनशील व्यवहार चाहते हैं। उन्होंने कहा कि “कुत्तों के साथ भी मानवीय व्यवहार करें, वे भी समाज से प्यार चाहते हैं।” उन्होंने लोगों से अपील की कि घर में पाले जाने वाले कुत्तों के साथ-साथ बाहर रहने वाले पशुओं के प्रति भी अनावश्यक क्रूरता या उकसावे से बचें।

नुक्कड़ नाटक ने समझाया कब बरतें सावधानी

NSS स्वयंसेवकों ने चार अंकों के नुक्कड़ नाटक के माध्यम से रोजमर्रा की ऐसी परिस्थितियों को प्रस्तुत किया, जिनमें थोड़ी सी सावधानी बरतकर कुत्तों के काटने की घटनाओं से बचा जा सकता है।

पहले अंक में भोजन कर रहे कुत्ते को परेशान करने या उसके बेहद करीब जाने की स्थिति दिखाई गई। स्वयंसेवकों ने समझाया कि भोजन के दौरान कुत्ते को छेड़ना या उसे असहज करना उसके आक्रामक होने का कारण बन सकता है।

दूसरे अंक में शांत और मित्रवत दिखाई देने वाले कुत्ते के पास जाने की स्थिति प्रस्तुत की गई। इसके माध्यम से बताया गया कि कोई कुत्ता शांत दिखाई दे रहा हो, तब भी उसके व्यक्तिगत स्थान और उसके व्यवहार का सम्मान करना चाहिए तथा बिना सावधानी उसके पास नहीं जाना चाहिए।

तीसरे अंक में स्कूली छात्राओं द्वारा कुत्ते को छेड़ने की स्थिति दिखाई गई। नाटक के जरिए संदेश दिया गया कि कुत्तों को चिढ़ाना, डराना, दौड़ाना या उकसाना खतरनाक हो सकता है। ऐसी हरकतों से कुत्ता भयभीत या आक्रामक हो सकता है।

नाटक के अंतिम अंक में पशुओं के प्रति मनुष्य की जिम्मेदारी को सामने रखा गया। स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ पशुओं के प्रति संवेदनशील रहने, जरूरत पड़ने पर उचित सहायता लेने और संबंधित सहायता सेवाओं की जानकारी रखने की अपील की गई।

डर नहीं, जागरूकता से रुकेंगी घटनाएं

NSS कार्यक्रम संयोजिका सुश्री आकृति सैनी ने कहा कि कुत्तों के काटने की घटनाओं को रोकने के लिए केवल भय पैदा करना समाधान नहीं है। इसके लिए जागरूकता, सावधानी, संवेदनशीलता और जिम्मेदार व्यवहार जरूरी है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में छात्रों को सामाजिक एवं व्यावहारिक जीवन से जोड़ने के लिए समय-समय पर नुक्कड़ नाटक, कार्यशालाएं, रैलियां और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि मनुष्य और पशु दोनों के लिए सुरक्षित वातावरण तभी बनाया जा सकता है, जब एक-दूसरे के व्यवहार को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाए।

प्रधानाचार्य के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन

कार्यक्रम NSS इकाई ने प्रधानाचार्य प्रो. अरुण चौधरी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजित किया। कार्यक्रम अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना समिति के मुख्य दल अध्यक्ष शिवम चौहान, उपाध्यक्ष शशिकांत कुमार, सचिव प्रिया पांडे, कोषाध्यक्ष दीपांशु एवं परियोजना समन्वयक कुलसूम के नेतृत्व में किया गया।

मीडिया संयोजक प्रो. हंसराज सुमन ने कहा कि कॉलेज विद्यार्थियों को अध्ययन-अध्यापन के साथ पाठ्य सहगामी गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक जीवन और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि ‘पॉज़ एंड प्रोटेक्ट’ केवल कुत्तों के काटने से बचाव का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मनुष्य और पशु के बीच संवेदनशील एवं सुरक्षित सह-अस्तित्व का संदेश है।

जनता के लिए जरूरी संदेश

कुत्ते को भोजन करते समय न छेड़ें।उसे डराएं या दौड़ाएं नहीं।अनजान कुत्ते के बहुत करीब न जाएं।कुत्ते के बच्चों के पास विशेष सावधानी बरतें।और सबसे जरूरी पशुओं के साथ क्रूरता नहीं, संवेदनशीलता से व्यवहार करें।

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