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सुनील बडोनी के निर्देशन में तैयार फिल्म, पहाड़ की महिलाओं के संघर्ष, जोखिम और सामाजिक सरोकारों को बड़े पर्दे पर लाने का प्रयास
अमर चंद्र
नई दिल्ली। उत्तराखंड के पहाड़ों में घास काटकर पशुधन के लिए चारा जुटाने वाली महिलाओं का जीवन जितना सामान्य दिखाई देता है, उसके पीछे संघर्ष, जोखिम और जिम्मेदारियों की एक लंबी कहानी छिपी है। इसी अनदेखे और कठिन जीवन को केंद्र में रखकर तैयार की गई गढ़वाली फीचर फिल्म ‘घस्यारी’ अब बड़े पर्दे पर दस्तक देने के लिए तैयार है।
मां शक्ति पिक्चर्स के बैनर तले बनी इस फिल्म के लेखक-निर्देशक सुनील बडोनी और निर्मात्री परिणीता बडोनी हैं। फिल्म का पोस्टर और ट्रेलर सितंबर 2026 में देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में जारी किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड के विभिन्न पहाड़ी और ग्रामीण परिवेशों में की गई है।
घस्यारी के जीवन का वास्तविक संघर्ष
‘घस्यारी’ केवल घास काटने वाली महिला के अर्थ तक सीमित शब्द नहीं है। पहाड़ में यह उस महिला के जीवन और श्रम का प्रतीक है, जो परिवार की जिम्मेदारियों के साथ जंगलों और पहाड़ी रास्तों पर जाकर घास एवं लकड़ी जुटाती है।
फिल्म का कथानक इसी संघर्ष को सामने लाने का प्रयास करता है। जंगल में घास काटते समय पेड़ से गिरने, जंगली जानवरों के हमले और कठिन पहाड़ी रास्तों से गुजरने जैसे जोखिम उसके दैनिक जीवन का हिस्सा हैं। फिल्म के निर्देशक सुनील बडोनी के अनुसार, इस विषय के माध्यम से घस्यारियों की सुरक्षा और उनके कल्याण से जुड़े सवालों को भी सामने लाने का प्रयास किया गया है।
करीब तीन दशक पुराना सपना
इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि ‘घस्यारी’ का विचार अचानक नहीं आया। प्रकाशित जानकारी के अनुसार सुनील बडोनी और परिणीता बडोनी ने करीब 27 वर्ष पहले इस विषय पर फिल्म बनाने का सपना देखा था। लंबे अंतराल के बाद यह सपना अब साकार रूप ले पाया है।
यही लंबा इंतजार फिल्म को केवल एक मनोरंजनात्मक परियोजना से आगे ले जाता है। यह पहाड़ के उस जीवन को दस्तावेज की तरह प्रस्तुत करने का प्रयास भी है, जिसे शहरी दर्शक अक्सर दूर से ही देखते हैं।
संगीत भी फिल्म की महत्वपूर्ण कड़ी
‘घस्यारी’ का संगीत भी आकर्षण का केंद्र है। फिल्म में नरेंद्र सिंह नेगी, संतोष खेतवाल, अनुराधा निराला और दिवंगत शशि जोशी की आवाजें सुनाई देंगी। संगीत निर्देशन संतोष खेतवाल ने किया है और फिल्म में सात गीत होने की जानकारी प्रकाशित हुई है।
इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि पहाड़ की कहानी को पहाड़ की भाषा, लोकधुन और लोकस्वर के माध्यम से प्रस्तुत करने से फिल्म का सांस्कृतिक परिवेश अधिक स्वाभाविक बनता है।
कलाकारों की बड़ी टीम
फिल्म में शिवानी भंडारी और शुभ चंद्रा प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इनके अलावा रमेश रावत, दिनेश बौड़ाई, सृष्टि रावत, अजय सिंह बिष्ट, राजेश जोशी,मंजू बहुगुणा, संयोगिता ध्यानी, सुषमा व्यास, गीता गुसाईं नेगी, अशोक नेगी, अंशिका बिष्ट, इंदु रावत, बिनीता नेगी, वीरेंद्र असवाल और भानु जोशी सहित अनेक कलाकार शामिल हैं। फिल्म में 100 से अधिक कलाकारों के काम करने की जानकारी भी प्रकाशित हुई है।
पहाड़ की महिलाओं की आवाज बनने की कोशिश
‘घस्यारी’ की सबसे बड़ी विशेषता इसका विषय है। उत्तराखंड के ग्रामीण जीवन में महिलाओं की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। खेती, पशुपालन, परिवार की देखभाल और जंगल से चारा-पत्ती जुटाने जैसे कामों का बड़ा हिस्सा महिलाओं के कंधों पर रहा है।
ऐसे में ‘घस्यारी’ उस श्रम को कहानी का केंद्र बनाती है, जो अक्सर घर और गांव की चारदीवारी से बाहर व्यापक चर्चा का विषय नहीं बन पाता। फिल्म यदि इस जीवन की वास्तविकता, संवेदना और संघर्ष को प्रभावी ढंग से पर्दे पर उतार पाती है, तो यह गढ़वाली सिनेमा के सामाजिक सरोकार को मजबूत करने वाली कड़ी साबित हो सकती है।
ट्रेलर ने जगाई उत्सुकता
फिल्म के ट्रेलर और पोस्टर जारी होने के बाद उत्तराखंडी फिल्म जगत और दर्शकों के बीच उत्सुकता देखी गई। फिल्म की टीम ने भी इसे उत्तराखंड की संस्कृति और पहाड़ी जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषय के रूप में प्रस्तुत किया है। फिल्म की रिलीज को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में दिल्ली और देहरादून के सिनेमाघरों में सितंबर के अंतिम सप्ताह में प्रदर्शन की बात कही गई है।
अमर संदेश की नजर में
‘घस्यारी’ का विषय अपने आप में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पहाड़ के उस जीवन को पर्दे पर लाने का प्रयास है, जिसमें मेहनत, जोखिम, प्रकृति और पारिवारिक जिम्मेदारियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। फिल्म की वास्तविक परीक्षा हालांकि रिलीज के बाद पूरी कहानी, अभिनय, निर्देशन, पटकथा और दर्शकों की प्रतिक्रिया से ही होगी।
फिलहाल पोस्टर, ट्रेलर, विषय-वस्तु और संगीत से इतना स्पष्ट है कि ‘घस्यारी’ उत्तराखंड के लोकजीवन और पहाड़ की महिलाओं के संघर्ष को केंद्र में रखकर बनाई गई एक गंभीर सामाजिक-सांस्कृतिक फिल्म है। लंबे समय से संजोए गए इस प्रोजेक्ट का बड़े पर्दे तक पहुंचना स्वयं में गढ़वाली सिनेमा के लिए उल्लेखनीय प्रयास है।
ज्ञात हो*‘घस्यारी’ के ट्रेलर एवं पोस्टर रिलीज समारोह का आयोजन 26 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे गढ़वाल भवन के भागीरथी सभागार, नई दिल्ली में होगा।
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