उत्तराखण्ड

त्तराखंड की राजनीति में धामी फैक्टर मजबूत, 2027 की रणभेरी में विकास और सुशासन बना भाजपा का प्रमुख आधार

अमर चंद्र

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश में जहां राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही भाजपा सरकार विकास, सुशासन और सख्त कानूनों के दम पर जनता के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है।

हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा सार्वजनिक मंचों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत दिए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा संगठन और केंद्रीय नेतृत्व का विश्वास लगातार धामी के पक्ष में दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल में प्रदेश में कई ऐसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्तराखंड की पहचान को नई दिशा दी है। इनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की दिशा में उठाए गए कदम देशभर में चर्चा का विषय बने। इसके अतिरिक्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया, जिससे युवाओं में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है।

प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून को और अधिक सख्त बनाया गया, वहीं दंगा विरोधी कानून के माध्यम से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया गया। इन फैसलों को कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विकास कार्यों की बात करें तो चारधाम यात्रा को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने, सड़क एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं को गति देने, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में सरकार ने अनेक योजनाएं संचालित की हैं। राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए आयोजित वैश्विक निवेश सम्मेलन के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनके धरातल पर उतरने की प्रक्रिया भी जारी है।

इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

हालांकि विपक्ष लगातार सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने का प्रयास कर रहा है और भाजपा के भीतर भी समय-समय पर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं उठती रही हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का राजनीतिक कद लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर आम जनता के एक बड़े वर्ग में धामी की लोकप्रियता भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक पूंजी मानी जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि आगामी समय में विकास परियोजनाओं की गति और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव इसी प्रकार बना रहा तो वर्ष 2027 का चुनाव उत्तराखंड में “धामी मॉडल” बनाम विपक्षी चुनौती के रूप में भी देखा जा सकता है।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि उत्तराखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केंद्र बिंदु बने हुए हैं और आगामी विधानसभा चुनावों की दिशा काफी हद तक उनके नेतृत्व, सरकार के प्रदर्शन तथा जनता के विश्वास पर निर्भर करेगी।

Share This Post:-
Post Views: 27 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *