जयपुर की फिजिकल एआई लैब का किया दौरा, युवाओं को तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के लिए आगे आने का दिया संदेश
Amar sandesh जयपुर, 14 जून। उत्तराखंड सरकार की आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिल्ला ने रविवार को जयपुर स्थित मारकॉनप्रा कार्यालय तथा राइट कोड सोसायटी की फिजिकल एआई लैब का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और ऑटोमेशन आधारित अत्याधुनिक परियोजनाओं का अवलोकन किया तथा संस्था द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की।
उनके आगमन पर राइट कोड सोसायटी के मेंटर एवं “भारत भाग्य विधाता” अभियान के जनक डॉ. आशुतोष पंत, मारकॉनप्रा के संस्थापक एवं राइट कोड सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव शर्मा, राजस्थान एआई समिट-2026 के कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. आदित्य नाग, न्यूक्लियर वैज्ञानिक डॉ. सौरभ शर्मा, अजित कौशिक, विक्रम जैन एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
दौरे के दौरान श्री रोहिल्ला ने फिजिकल एआई लैब में विकसित की जा रही परियोजनाओं की जानकारी ली।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है और युवाओं को इस तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर डॉ. आशुतोष पंत ने “भारत भाग्य विधाता” अभियान, राजस्थान एआई समिट-2026 तथा फिजिकल एआई लैब की भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण, नवाचार एवं अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रही है।
मारकॉनप्रा के संस्थापक एवं सीईओ गौरव शर्मा ने बताया कि फिजिकल एआई लैब विद्यार्थियों, शोधार्थियों और नवप्रवर्तकों को वास्तविक परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।
उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए श्री रोहिल्ला ने कहा कि बादल फटने जैसी घटनाओं की सटीक एवं समय रहते जानकारी उपलब्ध कराने में एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस दिशा में विकसित होने वाली तकनीकें भविष्य में देश और दुनिया के लिए उपयोगी साबित होंगी।
उन्होंने राइट कोड सोसायटी एवं मारकॉनप्रा द्वारा युवाओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार केंद्र भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। अंत में अतिथियों ने संस्था की भावी योजनाओं के लिए शुभकामनाएं दीं।