वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव संजय लोहिया बोले- यह पहल भारत के समुद्री व्यापार को आत्मनिर्भर बनाएगी, विदेशी बीमा बाजारों पर निर्भरता होगी कम
Amar sandesh नई दिल्ली। भारत ने समुद्री बीमा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देश का पहला संप्रभुता समर्थित संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति (Protection & Indemnity – P&I) बीमा उत्पाद लॉन्च किया है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव संजय लोहिया की अध्यक्षता में इस ऐतिहासिक बीमा उत्पाद का शुभारंभ किया गया। यह उत्पाद भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) के अंतर्गत विकसित किया गया है और इसे न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने तैयार किया है।
कार्यक्रम में नौवहन महानिदेशक श्याम जगन्नाथन, वित्तीय सेवाएं विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. देबाशीष प्रुस्टी, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re) के सीएमडी हितेश जोशी, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की सीएमडी गिरिजा सुब्रमणियन, भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड के सीएमडी कैप्टन बिनेश कुमार त्यागी, सामान्य बीमा परिषद की महासचिव कस्तूरी सेनगुप्ता, आईसीसीएसए और आईएनएसए के वरिष्ठ अधिकारी तथा पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव वेंकटेशपति एस. सहित अनेक गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सचिव संजय लोहिया ने कहा कि पीएंडआई बीमा उत्पाद का शुभारंभ भारत के समुद्री क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा जारी पहली पीएंडआई पॉलिसी भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड (SCI) को सौंपी। यह पॉलिसी चालक दल एवं मालवाहक दायित्व, प्रदूषण से जुड़े दायित्व, जहाज के मलबे को हटाने, तृतीय पक्ष दायित्व तथा 24×7 पोर्ट कॉरेस्पोंडेंट नेटवर्क जैसी सुविधाओं के साथ 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक की क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराएगी।
गौरतलब है कि 12 मई 2026 को संप्रभु गारंटी के समर्थन से शुरू किए गए भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) ने कम समय में व्यापक स्वीकार्यता हासिल की है। इस पहल के बाद पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान बढ़ी युद्ध जोखिम बीमा प्रीमियम दरों में लगभग 35 से 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 29 जुलाई 2026 तक पूल के अंतर्गत कार्गो युद्ध जोखिम और पतवार युद्ध जोखिम से संबंधित 1,608 बीमा पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं। इस मौके पर वित्तीय मंत्रालय के कई अधिकारी मौजूद रहे और इंश्योरेंस निदेशक श्रीमती मंदाकिनी बलोधी भी उपस्थित रही।
सरकार का मानना है कि पीएंडआई कवरेज को बीएमआईपी में शामिल किए जाने से भारत की समुद्री जोखिम प्रबंधन प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। इससे घरेलू बीमा क्षमता का विकास होगा, विदेशी बीमा बाजारों पर निर्भरता घटेगी और समुद्री व्यापार से होने वाला आर्थिक लाभ देश के भीतर ही बना रहेगा। यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी तथा भारत के समुद्री बीमा इकोसिस्टम को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।