उत्तर प्रदेशराष्ट्रीय

260 करोड़ की पहल से बदलेगी वरुणा की तस्वीर, काशी को मिलेगा नया हरित और सांस्कृतिक तट

ONGC के सहयोग से वरुणा नदी पुनर्जीवन परियोजना शुरू, 36 लाख लोगों को होगा लाभ

 

Amar sandesh दिल्ली/वाराणसी। काशी की जीवनधारा मानी जाने वाली वरुणा नदी को नया जीवन देने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हुई है। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत लगभग 260.61 करोड़ रुपये की सहायता से ONGC और वाराणसी विकास प्राधिकरण मिलकर वरुणा नदी के 2.5 किलोमीटर लंबे हिस्से के पुनर्जीवन और विकास का कार्य कर रहे हैं। यह परियोजना विक्ट्री ब्रिज से चौकाघाट ब्रिज के बीच संचालित की जा रही है।

परियोजना का उद्देश्य केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्स्थापित करते हुए उसे पर्यावरण, संस्कृति और जनजीवन से फिर जोड़ना है। इसके पूरा होने पर लगभग 36 लाख स्थानीय निवासियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

योजना के तहत नदी तटों का संरक्षण, आर्द्रभूमि (वेटलैंड) और वर्षा उद्यानों का निर्माण, आधुनिक अपशिष्ट जल उपचार व्यवस्था तथा प्राकृतिक जल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय प्रजातियों के पौधारोपण, जैव विविधता क्षेत्रों के विकास और हरित नदी किनारों को बढ़ावा दिया जाएगा।

नदी के दोनों ओर पैदल पथ, साइकिल ट्रैक, दिव्यांगजन अनुकूल मार्ग, सांस्कृतिक घाट, सामुदायिक स्थल और खुले गतिविधि क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। पार्क, उद्यान, प्रकृति पथ, दर्शक मंच, योग एवं फिटनेस क्षेत्र जैसी सुविधाएं भी इस परियोजना का हिस्सा होंगी।

परियोजना में स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वरुणा नदी का पुनर्जीवन केवल एक पर्यावरणीय परियोजना नहीं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक जीवन और सतत विकास को नई दिशा देने वाला प्रयास है। यह पहल नदी और शहर के बीच टूटते संबंधों को फिर मजबूत करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और समावेशी वातावरण तैयार करेगी।

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