उत्तराखण्ड

धामी कैबिनेट के बड़े फैसले जनकल्याण से रोजगार तक, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

 बंशीधर तिवारी ने दी कैबिनेट के फैसलों की जानकारी, पशुपालकों, श्रमिकों, छात्रों और खिलाड़ियों के लिए कई अहम निर्णय

 

Amar sandesh दिल्ली देहरादून। उत्तराखंड में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, श्रमिक हितों की रक्षा करने और शिक्षा, खेल, पर्यटन, पेयजल तथा आधारभूत ढांचे को गति देने की दिशा में धामी सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए इन निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मीडिया को दी।

कैबिनेट के फैसलों में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पशुपालकों के लिए लिया गया है। अब राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का लाभ सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा। इतना ही नहीं, लाभार्थी गाय के साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। सरकार के अनुमान के अनुसार प्रथम वर्ष में करीब 2128 पशुपालकों को इसका लाभ मिलेगा। माना जा रहा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ने के साथ पशुपालकों की आय में वृद्धि और पलायन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

बंशीधर तिवारी बोले श्रमिक हितों को मजबूत करेगी नई मजदूरी नियमावली

श्रमिकों के हितों को लेकर भी कैबिनेट ने अहम कदम उठाया है। बंशीधर तिवारी ने बताया कि मजदूरी संहिता, 2019 के तहत उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान, डिजिटल माध्यम से भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला और पुरुष को समान वेतन जैसे प्रावधान प्रभावी होंगे।

बंशीधर तिवारी ने बताया—एससी-एसटी छात्रावासों की व्यवस्था होगी बेहतर

समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक वातावरण, भोजन तथा सर्वांगीण विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित किया जाएगा।

ईको टूरिज्म को बढ़ावा, स्थानीय समुदायों की भागीदारी होगी मजबूत

महानिदेशक सूचना विभाग बंशीधर तिवारी ने बताया कि ईको टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन किया गया है। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण और स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर रहेगा।

जीएसटी कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी

केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुरूप उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में आवश्यक संशोधन के लिए अध्यादेश लाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे राज्य की कर व्यवस्था को राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप अद्यतन किया जा सकेगा।

हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के लिए करीब 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को हरी झंडी

न्यायिक आधारभूत ढांचे के विस्तार की दिशा में भी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। बंशीधर तिवारी के अनुसार हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार करीब 40 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है

राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 122 नियमित पद सृजित होंगे।

गौलापार, हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय को मजबूत करने के लिए 122 नियमित पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों की आउटसोर्स व्यवस्था से पूर्ति की जाएगी। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

बंगाली अनुसूचित जाति समुदाय के हित में सहायता कोष समिति में बदलाव

दिनेशपुर और शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में उपाध्यक्ष एवं सदस्य पदों पर उसी समुदाय से नामांकन किए जाने का निर्णय लिया गया है।

सहकारी समितियों के नियमों से हटेंगे भेदभावपूर्ण प्रावधान

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली, 2004 में संशोधन किया जाएगा। इसके तहत कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधानों को हटाकर न्यायालय द्वारा घोषित मानसिक अक्षमता से संबंधित प्रावधान शामिल किए जाएंगे।

जल जीवन मिशन की योजनाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया होगी स्पष्ट

ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग तथा ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को योजनाओं के हस्तांतरण के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने का फैसला लिया गया है।इससे योजनाओं के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था अधिक स्पष्ट एवं व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

वन विकास निगम में स्केलर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा अनिवार्य

उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा संशोधन विनियमावली-2026 को लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत स्केलर पदों पर भर्ती के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और भर्ती व्यवस्था को आयोग की चयन प्रणाली के अनुरूप बनाया जा सकेगा।

मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार का रास्ता साफ

श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन के साथ औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 में श्रमिकों के अधिकारों पर जोर

कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी है। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल एवं तालाबंदी की प्रक्रिया और श्रमिकों के री-स्किलिंग फंड जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

जनकल्याण और विकास के एजेंडे को मिलेगी नई मजबूती

कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार, श्रमिक कल्याण और आधारभूत विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। पशुपालकों को बढ़ा हुआ अनुदान, श्रमिकों के लिए नए नियम, छात्रों के लिए बेहतर छात्रावास व्यवस्था, खेल विश्वविद्यालय के लिए नए पद, हाईकोर्ट परिसर के लिए भूमि, ईको टूरिज्म को प्रोत्साहन और गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार जैसे फैसलों से विकास की कई धाराओं को एक साथ गति देने का प्रयास किया गया है।

सरकार का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शी प्रशासन, सामाजिक समावेशन, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर है। बंशीधर तिवारी द्वारा साझा की गई कैबिनेट की जानकारी से साफ है कि धामी सरकार ने जनकल्याण और विकास के विभिन्न क्षेत्रों को एक साथ साधने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं।

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