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Amar sandesh नई दिल्ली। भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के पश्चात राष्ट्रपति ने विभिन्न उच्च न्यायालयों में न्यायाधीश एवं अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की है। नियुक्तियों के तहत मद्रास, कलकत्ता, कर्नाटक और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालयों में अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश/अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है।
मद्रास हाईकोर्ट में नियुक्तियां
गोविंदराजन कृष्णस्वामी, अधिवक्ता को मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। वहीं रजनीश पथियिल, रमेश नटराजन, जीके मुथुकुमार, रामकृष्णन राजेश विवेकानन्थन और रवीकुमार शंकरनारायणन को मद्रास उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा दिलीप कुमार नागराजन, एलप्पन मनोहरन, डॉ. पी. मुरुगन, श्रीमती एम.डी. सुमति, श्रीमती एस. अल्ली, श्रीमती सी. थिरुमगल, शनमुगम कार्तिकेयन, मुरुगेसन बलुचामी और एन. गुणसेकरन को भी मद्रास उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है
कलकत्ता हाईकोर्ट में आठ अधिवक्ताओं को जिम्मेदारी
कलकत्ता उच्च न्यायालय में आर्यक दत्त, अतरूप बनर्जी, संदीप कुमार डे, पार्थ प्रतिम रॉय, सुदीप देब, अनुज सिंह, अर्जुन रे मुखर्जी और रिशाद मेडोरा को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है।
कर्नाटक हाईकोर्ट में छह नियुक्तियां
कर्नाटक उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में राघवेंद्र सीताराम श्रीवत्स, श्रीमती हेमा कुलकर्णी, सुब्रमण्य रंगाराव, विवेकानन्द थडगावडी प्रकाश, प्रमोद बक्केश्वरा तथा शांति भूषण होम्बे गौड़ा को नियुक्त किया गया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अमित लाहोटी की नियुक्ति
अमित लाहोटी, अधिवक्ता को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रपति की इन नियुक्तियों के साथ संबंधित उच्च न्यायालयों में न्यायिक कार्यों को और गति मिलने तथा लंबित मामलों के निस्तारण में सहायता मिलने की उम्मीद है।
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