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“संस्कृति जब सीमाएँ पार करती है, तब विश्व में बढ़ता है भारत का सम्मान” : — प्रो. एस.पी. सिंह बघेल

‘मन जन गण मन गाएगा’ के लोकार्पण पर बोले,प्रवासी भारतीय भारत की संस्कृति, ज्ञान और जीवन मूल्यों के सबसे बड़े सांस्कृतिक दूत

 

Amar sandesh नई दिल्ली, 5 अगस्त।भारतीय संस्कृति, साहित्य और वैश्विक भारतीय समुदाय की एकता को समर्पित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम “India Beyond Borders A Patriotic Tribute by Global Indian Diaspora to Bharat” का आयोजन कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में LIPI Europe (Literary Intellectuals and Poets of Indian Origin, Europe) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों, कलाकारों और प्रवासी भारतीयों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया।

मुख्य अतिथि केंद्रीय पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन तथा पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने डॉ. योजना साह जैन द्वारा लिखित, संगीतबद्ध, निर्देशित एवं निर्मित देशभक्ति तराना “मन जन गण मन गाएगा” का लोकार्पण किया।अपने संबोधन में प्रो. बघेल ने कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक अस्मिता और विश्वभर में बसे भारतीयों की मातृभूमि के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और जीवन मूल्य ही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं तथा इन्हें विश्व मंच पर प्रतिष्ठित करने में प्रवासी भारतीय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की पहचान केवल उसकी आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और मानवीय मूल्यों से होती है। दुनिया के विभिन्न देशों में बसे भारतीय जहाँ भी रहें, वे भारतीय संस्कृति, लोकभाषाओं, लोककलाओं, साहित्य और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का कार्य निरंतर करते रहें।

केंद्रीय मंत्री ने देशभक्ति गीत को “राष्ट्र गौरव का तराना” बताते हुए कहा कि उनकी कामना है कि यह प्रस्तुति विश्वभर में बसे भारतीयों तक पहुँचे और उनमें मातृभूमि के प्रति सम्मान, आत्मीयता तथा राष्ट्रीय चेतना को और अधिक सुदृढ़ करे। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद, उपनिषद, गीता, महाभारत, लोक साहित्य, लोकगीत और लोकभोजन जैसी सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण और प्रचार-प्रसार हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने प्रवासी भारतीयों से आह्वान किया कि वे विदेशों में अर्जित अपने ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ भारत के विकास और राष्ट्र निर्माण में भी उपलब्ध कराएँ। उनके अनुसार विश्वभर में भारतीय समुदाय भारत की सॉफ्ट पावर का सबसे प्रभावी प्रतिनिधि बनकर उभरा है।

कानपुर से लोकसभा सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि विदेशों में रहकर भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखना अत्यंत प्रेरणादायक कार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ विश्व समुदाय के बीच भारत की सकारात्मक पहचान को मजबूत करते हैं।

पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि विदेशों में भारतीयों की सबसे बड़ी पहचान उनकी संस्कृति और भारतीयता होती है। यही सांस्कृतिक विरासत विश्वभर में भारतीय समुदाय को एक सूत्र में जोड़ती है।

LIPI Europe की अध्यक्ष, जर्मनी निवासी वैज्ञानिक, साहित्यकार एवं सांस्कृतिक क्यूरेटर डॉ. योजना साह जैन ने कहा कि भारत से दूर रहने के बावजूद प्रवासी भारतीयों का भावनात्मक संबंध अपनी मातृभूमि से अटूट बना रहता है। “India Beyond Borders” उसी भावनात्मक जुड़ाव और सांस्कृतिक एकता का उत्सव है।

कार्यक्रम के दौरान “मन जन गण मन गाएगा” का आधिकारिक संगीत वीडियो प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, रमेश अवस्थी, पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) एवं विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ निदेशक सुनील कुमार सिंह, डॉ. संदीप मारवाह तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से लोकार्पित किया गया। डॉ. योजना साह जैन, सागर डीआर और कौशिकी खौंड की आवाज़ में प्रस्तुत इस गीत में 42 कलाकारों ने सहभागिता की है।

समारोह में बर्लिन निवासी 14 वर्षीय युवा लेखिका समृद्धि जैन की पहली अंग्रेज़ी पुस्तक “The Colors Behind the Rainbow” का भी लोकार्पण किया गया। अतिथियों ने उनकी साहित्यिक प्रतिभा की सराहना करते हुए इसे नई पीढ़ी की सृजनात्मक क्षमता का प्रेरक उदाहरण बताया।

कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. ओ.पी. यादव ने किया, जबकि मंच संचालन डॉ. ओ.पी. यादव एवं शीना खंडेलवाल ने किया। समारोह के दौरान मीडिया, साहित्य, संस्कृति, शिक्षा एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक व्यक्तित्वों को LIPI Europe Awards 2026 से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुए इस कार्यक्रम में भारत की सांस्कृतिक विरासत, वैश्विक भारतीय एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया ।

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