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भारत अब केवल वैश्विक ऊर्जा संवाद का हिस्सा नहीं, बल्कि उसका एजेंडा तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहा-हरदीप सिंह पुरी
अमर चंद्र
नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में India Energy Week 2027 की तैयारियों को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भारत के ऊर्जा क्षेत्र की भविष्य की दिशा और वैश्विक भूमिका को लेकर व्यापक मंथन हुआ। बैठक में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों के CMD, CEO एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में India Energy Week ने बीते वर्षों में भारत को वैश्विक ऊर्जा संवाद के केंद्र में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समीक्षा बैठक का संदेश भी स्पष्ट रहा कि 2027 का India Energy Week केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती ऊर्जा क्षमता, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व को दुनिया के सामने रखने का बड़ा अवसर होगा।
बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण, नई ऊर्जा प्रौद्योगिकी, निवेश, तेल एवं गैस क्षेत्र की बदलती जरूरतों तथा वैश्विक ऊर्जा सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। देश के प्रमुख ऊर्जा सार्वजनिक उपक्रमों की इसमें भागीदारी इस बात को रेखांकित करती है कि भारत की ऊर्जा यात्रा में इन संस्थानों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
ऊर्जा क्षेत्र की ताकत को एक मंच पर लाने की पहल
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में India Energy Week वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र का एक प्रमुख मंच बन चुका है और 2027 का संस्करण पहले से अधिक व्यापक होगा। इसमें दुनिया के प्रमुख ऊर्जा क्षेत्र के CEO, नीति-निर्माता, निवेशक, नवाचारकर्ता और विशेषज्ञ भारत में एकत्र होंगे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ने के साथ-साथ अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रहा है। भारत अब वैश्विक ऊर्जा विमर्श में केवल अपनी बात रखने वाला देश नहीं है, बल्कि भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था को दिशा देने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो रहा है।
PSU की भूमिका होगी अहम
India Energy Week 2027 की सफलता में देश के तेल एवं गैस क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। इन संस्थानों ने वर्षों से देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ अन्वेषण, उत्पादन, रिफाइनिंग, प्राकृतिक गैस, पाइपलाइन, पेट्रोकेमिकल्स, LNG, हरित ऊर्जा और नई तकनीकों के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का विस्तार किया है।
बैठक में विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के शीर्ष प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का लक्ष्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी क्षेत्र और वैश्विक भागीदारों के सामूहिक प्रयास से ही हासिल किया जा सकता है।
भारत के ऊर्जा भविष्य का वैश्विक रोडमैप
India Energy Week 2027 के माध्यम से भारत दुनिया के सामने अपनी ऊर्जा क्षमता और निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण तथा नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खोलने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
कुल मिलाकर, हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि India Energy Week 2027 भारत के ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए वैश्विक साझेदारी तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। देश के ऊर्जा सार्वजनिक उपक्रमों के शीर्ष नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी इस महाआयोजन को और प्रभावशाली बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
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