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एआईआईबी के भारतीय गवर्नर के रूप में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व; कतर सरकार के नेतृत्व, वैश्विक निवेशकों और पांच देशों के समकक्षों के साथ भी होंगी महत्वपूर्ण बैठकें
Amar sandesh नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण 27 से 29 सितंबर, 2026 तक कतर की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगी। इस दौरान वह दोहा में आयोजित होने वाली एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की 11वीं वार्षिक बैठक में हिस्सा लेंगी। वित्त मंत्री इस यात्रा में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं।
भारत की अंतरराष्ट्रीय आर्थिक साझेदारी और बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े निवेश के लिहाज से इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एआईआईबी की वार्षिक बैठक में श्रीमती सीतारमण भारत की ओर से बैंक के भारतीय गवर्नर के रूप में भाग लेंगी। उल्लेखनीय है कि भारत एआईआईबी का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है।
पांच देशों के समकक्षों से होंगी द्विपक्षीय वार्ताएं
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 28 सितंबर को दोहा में होने वाली एआईआईबी की वार्षिक बैठक के दौरान श्रीमती निर्मला सीतारमण बैंक के अध्यक्ष के साथ-साथ जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के अपने समकक्षों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी।
इन बैठकों में विभिन्न देशों के साथ आर्थिक सहयोग, विकास संबंधी प्राथमिकताओं और बुनियादी ढांचे में निवेश से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
इस संवाद के माध्यम से भारत और कतर के बीच आर्थिक एवं व्यावसायिक सहयोग को आगे बढ़ाने तथा निवेश से जुड़े अवसरों पर विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है।
एशिया में बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित है एआईआईबी
एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) एक बहुपक्षीय विकास बैंक है, जिसका प्रमुख उद्देश्य एशिया में सतत बुनियादी ढांचे के विकास और निरंतर आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करना है।
बैंक बुनियादी ढांचे तथा अन्य उत्पादक क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के साथ धन सृजन, क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था में सुधार और सदस्य देशों के आर्थिक विकास को गति देने पर केंद्रित है।
एआईआईबी की वार्षिक बैठकों में सदस्य देशों तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधिमंडल भाग लेते हैं। इन बैठकों के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विकास, वित्तीय सहयोग और सतत आर्थिक प्रगति से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाता है।
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