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देश सेवा के बाद जन्मभूमि की सेवा में जुटे पूर्व कमांडो सतपाल सिंह रावत, गांव के विकास को बना रहे अपनी प्राथमिकता

सेवानिवृत्ति के बाद शहरों की सुविधाओं के बजाय चुनी गांव की सेवा की राह, ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के सहयोग से विकास कार्यों को दे रहे गति

रिखणीखाल (पौड़ी गढ़वाल)। देवभूमि उत्तराखंड की मिट्टी में पले-बढ़े अनेक प्रतिभाशाली लोग अपनी मेहनत, कार्यकुशलता और बुद्धिमत्ता से देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो अपनी व्यस्त सेवाकालीन जिंदगी के बाद सेवानिवृत्ति का जीवन अपनी जन्मभूमि और समाज के नाम समर्पित कर रहे हैं। ऐसे ही व्यक्तित्व हैं पूर्व कमांडो एवं समाजसेवी सतपाल सिंह रावत।
हरियाणा पुलिस में कमांडो के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके सतपाल सिंह रावत ने सेवानिवृत्ति के बाद अपने गांव की ओर रुख किया और अब अपनी जन्मभूमि के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। आमतौर पर सेवानिवृत्ति के बाद लोग आरामदायक जीवन के लिए शहरों में रहना पसंद करते हैं, लेकिन सतपाल सिंह रावत ने गांव से अपने जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी है।
वर्तमान में वे ग्राम प्रधान के सहयोगी के रूप में ग्राम कमाल्डी, ग्राम सभा कुमाल्डी में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में सहयोग कर रहे हैं। उनका मानना है कि गांव का विकास केवल सरकारी योजनाओं से ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सहभागिता, आपसी सहयोग और जागरूकता से भी संभव है।
दीपावली के पावन अवसर पर सतपाल सिंह रावत ने अपने गांव के समस्त ग्रामीणों, रिखणीखाल क्षेत्रवासियों तथा विधानसभा एवं जनपद पौड़ी गढ़वाल के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य तथा अपनी जन्मभूमि के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर सहयोग और समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
देश की सेवा से लेकर जन्मभूमि की सेवा तक का उनका यह सफर समाज के प्रति जिम्मेदारी और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना को दर्शाता है।

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