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सेवा से संकल्प तक: प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को युवाओं तक पहुंचाएगी भाजपा की ‘सेवा संकल्प यात्रा’

साधारण परिवार से देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन, सेवा और सुशासन की लंबी यात्रा में बनाई अलग पहचान

अमर चंद्र/हेना पांडे| नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी इस बार केवल जन्मदिन समारोह के रूप में नहीं, बल्कि उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, सेवा-संकल्प और राष्ट्रनिर्माण की यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने के अवसर के रूप में मना रही है।भाजपा ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर मेंसेवा संकल्प अभियानआयोजित करने का निर्णय लिया है। अभियान का उद्देश्य युवाओं को सेवा, समाज और राष्ट्रनिर्माण से जोड़ना है

इसी अभियान की सबसे चर्चित कड़ी ‘वडनगर से वाराणसी’ और ‘वाराणसी से वडनगर’ सेवा संकल्प बाइक यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी की जन्मभूमि वडनगर और उनकी संसदीय कर्मभूमि वाराणसी से 17 सितंबर को एक साथ यात्रा शुरू होगी। भाजपा के अनुसार, दोनों दिशाओं से निकलने वाली यह यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों और लगभग 1,159 गांवों तक पहुंचेगी तथा करीब 40 हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसमें लगभग 1,000 युवा भाग लेंगे। यात्रा का समापन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित ह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष का यह पड़ाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि 7 अक्टूबर 2026 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके शपथ लेने के 25 वर्ष पूरे होंगे। 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और मई 2014 तक इस पद पर रहे। इसके बाद 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने और 2019 तथा 2024 में लगातार दो बार जनादेश प्राप्त कर प्रधानमंत्री पद पर लौटे।

भाजपा इस पूरे सफर को ‘सेवा और संकल्प’ की भावना से जोड़कर युवाओं के बीच ले जाना चाहती है। बाइक यात्रा का उद्देश्य केवल हजारों किलोमीटर की दूरी तय करना नहीं, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले गांवों और कस्बों में सेवा गतिविधियों तथा जनसंवाद के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ना है।
बाइक पर युवा, संदेश में राष्ट्रसेवा
यात्रा के दौरान स्वच्छता, जल संरक्षण, नशामुक्ति, प्लास्टिक मुक्त भारत और टीबी मुक्त भारत जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन 25 पेड़ों के संरक्षण और देखभाल का संकल्प लेने तथा सफाई कर्मचारियों के सम्मान जैसे कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। साथ ही सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, युवाओं और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी लाभार्थियों के साथ संवाद किया जाएगा।
इस लिहाज से भाजपा की यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक जीवन को केवल राजनीतिक उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय सेवा, सुशासन और सामाजिक भागीदारी के संदेश के रूप में युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश है।
वडनगर से निकली यात्रा, वाराणसी में मिली नई पहचान
नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा को देखें तो वडनगर उनके जीवन की शुरुआत का प्रतीक है, जबकि वाराणसी उनके राष्ट्रीय राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक का उनका सफर भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में देखा जाता है।
आज प्रधानमंत्री मोदी की पहचान केवल भारतीय राजनीति तक सीमित नहीं है। पिछले वर्षों में भारत की विदेश नीति, वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, जी-20 की अध्यक्षता और विभिन्न देशों के साथ बढ़ते रणनीतिक संबंधों के कारण मोदी का नाम अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में भी लगातार चर्चा में रहा है। उनके समर्थक इसे भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा से जोड़ते हैं, जबकि विपक्ष उनकी नीतियों और कार्यशैली की आलोचना करता रहा है। लोकतंत्र में दोनों दृष्टिकोणों के बीच ही किसी भी बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व का मूल्यांकन होता है।
युवा शक्ति के सहारे विकसित भारत का संकल्प
भाजपा का संदेश स्पष्ट है—प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को केवल अतीत की उपलब्धियों के रूप में याद करने के बजाय इसे ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प से जोड़ा जाए। यही कारण है कि इस अभियान में युवाओं की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है।
करीब 40 हजार किलोमीटर का सफर तय करने वाली यह बाइक यात्रा राजनीतिक संदेश के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी का भी माध्यम बनने जा रही है। गांव-गांव पहुंचने वाले युवा सेवा गतिविधियों के जरिए लोगों से संवाद करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन की यात्रा से जुड़े संदेश को आगे बढ़ाएंगे।
एक सामान्य परिवार से निकलकर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा आज भारतीय राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन चुकी है। 17 सितंबर का जन्मदिन और 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा का पड़ाव भाजपा के लिए इसी यात्रा को ‘सेवा से राष्ट्रनिर्माण’ के संदेश के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर है।
वडनगर से वाराणसी तक उठने वाले बाइक के पहिए इस बार केवल दूरी नहीं नापेंगे, बल्कि भाजपा के अनुसार सेवा, संकल्प और राष्ट्रनिर्माण का संदेश भी देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाएंगे।

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