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महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस

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सी एम पपनैं

नई दिल्ली/ देहरादून। उत्तराखण्ड सदन चाणक्यपुरी में 9 नवम्बर, उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून में राज्य सरकार द्वारा आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिल्ली के मीडिया कर्मियों तथा विभिन्न प्रवासी सामाजिक व सांस्कृतिक संस्थाओ से जुडे प्रबुद्ध जनो की उपस्थिति मे प्रसारित किया गया।

स्थापना दिवस के इस अवसर पर उत्तराखण्ड सदन स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा द्वारा सभी उपस्थित जनो को हार्दिक शुभकामनाऐं एवं बधाई प्रेषित की गई। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण मे शहीद हुए आंदोलनकारियों एवं अन्य राज्य आंदोलनकारियों को नमन कर याद किया गया।

स्थापना दिवस आयोजन के इस अवसर पर उत्तराखंड सदन विशेष कार्याधिकारी (राज्य सम्पति) रंजन मिश्रा, मीडिया कोऑर्डिनेटर मदन मोहन सती के साथ-साथ दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन के समस्त अन्य अधिकारी व कर्मचारियों व पूर्व राज्य मंत्री पूरन चंद नैनवाल, गढ़वाल हितैषिणी सभा अध्यक्ष अजय सिंह बिष्ट, दुर्गा सिंह भंडारी, खजान दत्त शर्मा, राम सिंह तोमर इत्यादि इत्यादि समाज सेवियो व संस्कॄति कर्मियों की उपस्थिति मुख्य रही।

देहरादून मे आयोजित स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रदेश के राज्यपाल गुरमीत सिंह सेवानिवरत ले. जनरल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य मंत्रीमंडल के मंत्रियों, विधायको व अधिकारियों की उपस्थिति मुख्य रही।

स्थापना दिवस के इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के कर कमलो उत्तराखंड की लोकसंस्कृति व लोकगायन से जुडी डाॅ माधुरी बर्थवाल व डाॅ बसंती बिष्ट को तथा पर्यावरण के क्षेत्र मे सच्चीदानंद भारती तथा जल संरक्षण व संग्रहण के क्षेत्र मे राजेन्द्र सिंह बिष्ट को उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजा गया।

स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यपाल गुरमीत सिंह सेवानिवरत ले. जनरल व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की उपस्थिति को राज्य का गौरव कहा गया। राष्ट्रपति का अभिनंदन कर मार्गदर्शन देने के लिए आभार व्यक्त किया गया। समस्त प्रदेश वासियो को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी गई। राज्य आंदोलन मे शहीद हुए आंदोलनकारियों को नमन किया गया। अन्य आंदोलन कारियों के योगदान को याद किया गया।

राज्यपाल व मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया, राज्य की महिलाओ की वीरगाथा से इतिहास के पन्ने भरे पडे हैं, जो प्रेरणा प्रदान करते हैं। राज्य के सैन्य बलो, अर्ध सैनिक बलो व पुलिस बलों की वीरता व अदम्य साहस को याद कर नमन किया गया। देश की बाह्य व आंतरिक सुरक्षा तथा साइवर सुरक्षा के साथ-साथ महिलाओ की सुरक्षा मे निभाई जा रही जिम्मेवारी व दिए जा रहे योगदान की प्रशंसा की गई, आभार व्यक्त किया गया। राज्य गौरव से सम्मानित हुई विभूतियों को बधाई दी गई।

राज्य के विकास पथ पर अग्रसर होने पर समस्त प्रदेश वासियो को राज्यपाल व मुख्यमंत्री द्वारा बधाई दी गई। प्रदेश मे सैलानियों, तीर्थ यात्रियों व काबड यात्रियों की बढती तादात व प्रदेश मे पर्यटन व अन्य माध्यमो के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों मे बढते निवेश से तथा मानस खंड की रूप रेखा व नई पहचान बनने से रोजगार मे बढ़ोत्तरी, जी 20 की सफलता से प्रगति के बावत भी अवगत करा हर्ष व्यक्त किया गया, कहा गया इस सबका लाभ आम जन तक पहुचेगा।

महिलाओ की आर्थिक सम्रद्धि के लिए बन रही योजनाओ व मिल रही सफलता के बावत भी अवगत कराया गया। बताया गया अभी तक सवा लाख करोड़ रुपयो का निवेश का करार हो चुका है।

स्थापना दिवस के अवसर पर बीज भाषण राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा दिया गया। कहा गया, उत्तराखंड के परिश्रमी लोगों ने राज्य में प्रगति के कदम बढ़ाऐ हैं। सभी देवताओ का यह प्रदेश वास रहा है। गंगा-जमुना की पावन धरती उत्तराखंड है। गुरुवाणी के स्वर उत्तराखंड के शिखरो पर गूंजते हैं। उत्तराखंड मे आने का प्रत्येक अवसर तीर्थ करने जैसा होता है।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कहा, प्रार्थना है, उत्तराखंड से पूरा भारत धनधान्य से पूर्ण हो। नारी शक्ति के रूप मे सुशीला बलोनी को सभी याद करते हैं, उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ा योगदान दिया था। बछैन्द्री पाल, गौरा देवी इत्यादि महिलाओ ने आदर्श प्रस्तुत किया है। वंदना कटारिया ने एशियन गेम में शानदार प्रदर्शन किया है। बहनो, बेटियो ने राज्य व राष्ट्र उत्थान मे योगदान दिया है। स्वाधीनता व बाद के दिनों मे उत्तराखंड के वीरों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। प्रदेश के युवा देश के गौरव हैं।

महामहीम राष्ट्रपति ने कहा, प्रदेश की दो सैन्य रेजीमैंट कुमाऊ और गढ़वाल से जुडे वीर सैनिक शौर्य परंपरा को संजोये हुए हैं। सीडीएस विपिन रावत को कौन भूल सकता है। वर्तमान सीडीएस अनिल चौहान भी उत्तराखंड से हैं।

महामहिम राष्ट्रपति ने कहा, उत्तराखंड की प्रगति निरंतर जारी है। जी20 आयोजन के सफल आयोजन ने वैश्विक फलक पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड मे बहुआयामी प्रगति से उद्योग जगत में खुशी व्याप्त है। हजारों करोड़ का निवेश राज्य में हो रहा है। ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। कार्यरूप देने के लिए प्रयास हो रहे हैं। इस सबसे रोजगार बढेगा। इकोनॉमी इकोलाजी को प्राथमिकता दी जा रही है। जीडीपी पर ध्यान देने से विकास को बल मिलेगा।

महामहिम राष्ट्रपति ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सक्रिय नेतृत्व मे राज्य आगे बढ़ रहा है। देवी देवताओ के आशीर्वाद से उत्तराखंड का जन नई विकास की ऊचाई को प्राप्त करेगा। उत्तराखंड दिवस की पुन: बधाई देने के साथ ही महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने अपना संबोधन समाप्त किया।

राज्य स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर उत्तराखंड पुलिस बल की पुरुष व महिला कमांडरो द्वारा राष्ट्रपति को सलामी देकर अपना परिचय दिया गया। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा विभिन्न विषयो से सुसज्जित प्रभावशाली झांकियां प्रदर्षित की गई। कुमाऊ, गढ़वाल व जौनसार के लोकगायको व लोक नृत्यकारो द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। राज्य पुलिस के महिला व पुरुष जवानो द्वारा बेहतरीन घुडसवारी के करतब, मोटर साइकिल पर करतब, आतंकवाद से निपटने की साहसिक कलाबाजी इत्यादि का रोमांचक प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय गीत गायन के साथ ही देहरादून मे आयोजित स्थापना दिवस का समापन हुआ।
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