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Amar sandesh नई दिल्ली/ गोवा। भारतीय तटरक्षक बल ने अपनी समुद्री सुरक्षा क्षमता को और सशक्त करते हुए गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में निर्मित अत्याधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल ‘आईसीजीएस अचल’ को औपचारिक रूप से सेवा में शामिल कर लिया। इस नए पीढ़ी के आदम्य श्रेणी के गश्ती पोत को रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अनबरासु, आईएएस ने गोवा में आयोजित समारोह में कमीशन किया। इस अवसर पर तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर-पश्चिम) के कमांडर इंस्पेक्टर जनरल टेकुर शशि कुमार, टीएम सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार ‘अचल’ का अर्थ दृढ़ और अडिग होता है। यह पोत समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, समुद्र में जीवन रक्षा तथा राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के प्रति भारतीय तटरक्षक बल की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। अधिकारियों ने कहा कि यह पोत सतर्कता, साहस और समुद्री सुरक्षा के प्रति अटूट समर्पण का परिचायक बनेगा।
करीब 51 मीटर लंबे इस स्वदेशी पोत का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है। इसमें 50 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरण और तकनीकों का उपयोग किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान को मजबूती प्रदान करता है। आधुनिक तकनीक से लैस यह पोत उच्च दक्षता, लंबी समुद्री क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार किया गया है।
‘आईसीजीएस अचल’ में दो अत्याधुनिक 3000 किलोवाट डीजल इंजन लगाए गए हैं, जिनकी मदद से यह पोत 27 नॉट्स की अधिकतम गति प्राप्त कर सकता है। यह पोत लगभग 1500 नॉटिकल मील तक लगातार समुद्री अभियान चलाने में सक्षम है। पोत में स्वदेशी कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर, उच्च गुणवत्ता वाले गियरबॉक्स तथा आधुनिक हथियार प्रणाली स्थापित की गई है। इसमें 30 एमएम सीआरएन-91 गन और दो 12.7 एमएम रिमोट नियंत्रित गनें लगाई गई हैं, जो उन्नत फायर कंट्रोल सिस्टम से संचालित होंगी।
इसके अलावा पोत में इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम, इंटीग्रेटेड मशीनरी कंट्रोल सिस्टम और ऑटोमेटेड पावर मैनेजमेंट सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें लगाई गई हैं, जिससे इसकी परिचालन क्षमता और समुद्री निगरानी शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
तटरक्षक बल ने बताया कि इस पोत को गुजरात के वाडीनार में तैनात किया जाएगा, जहां से यह समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान, तस्करी रोधी कार्रवाई तथा समुद्री प्रदूषण नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लेगा। इससे देश की पश्चिमी समुद्री सीमा की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।
पोत की कमान कमांडेंट (जेजी) नवीन कुमार के हाथों में होगी। इस पर पांच अधिकारियों और 34 प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की गई है, जिन्हें आधुनिक प्रणालियों के संचालन एवं विभिन्न समुद्री परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। भारतीय तटरक्षक बल का मानना है कि ‘आईसीजीएस अचल’ की तैनाती से तटीय सुरक्षा, परिचालन क्षमता और उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में समुद्री निगरानी व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
यह जानकारी भारतीय तटरक्षक बल के जनसंपर्क अधिकारी कमांडेंट अमित उनियाल ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
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