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विदेश में पढ़ाई का सपना होगा आसान! SC छात्रों को मिली 580 राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्तियां, रामदास आठवले ने लोकसभा में दी जानकारी

Amar sandesh नई दिल्ली। अनुसूचित जाति के मेधावी छात्रों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का रास्ता आसान बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति (NOS) योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वर्ष 2019-20 से 6 अगस्त 2026 तक देशभर के 580 छात्रों को इस योजना के तहत छात्रवृत्ति प्रदान की गई और उन्हें विदेश में उच्च शिक्षा के लिए दाखिला मिला।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने लोकसभा में सांसद दग्गुमल्ला प्रसाद राव के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

हर साल बढ़ी छात्रों की भागीदारी

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019-20 में 41 छात्रों को राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति मिली थी। इसके बाद 2020-21 में 71, 2021-22 में 98, 2022-23 में 98, 2023-24 में 114, 2024-25 में 80 और 2025-26 में 78 छात्रों को इस योजना का लाभ मिला।

विदेश में पढ़ाई के लिए ऑनलाइन आवेदन

सरकार की ओर से योजना की जानकारी अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचाने के लिए विभागीय वेबसाइट पर दिशा-निर्देश और आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करने के साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के समाज कल्याण विभागों को भी व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पत्र भेजे जाते हैं।

एनओएस योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाते हैं। आवेदन, जांच, डेटा प्रबंधन और चयन प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से योजना को हाल ही में शुरू किए गए समावेश पोर्टल से भी जोड़ा गया है।

आंध्र प्रदेश के 18 छात्रों को मिला लाभ

आंध्र प्रदेश में 2019-20 से 2025-26 के बीच 18 छात्रों को राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिला। इनमें 2020-21 में 4, 2023-24 में 3, 2024-25 में 3 और 2025-26 में 5 छात्र शामिल हैं।

जिलेवार आंकड़ों में चित्तूर के अलावा अन्नामय्या, बापटला, कृष्णा, पलनाडु, प्रकाशम, विशाखापत्तनम और वाईएसआर कडप्पा जिलों के छात्रों को भी इस योजना का लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है।

समय पर मिलेगी छात्रवृत्ति की राशि

सरकार ने संबंधित भारतीय मिशनों और दूतावासों को अग्रिम रूप से धनराशि जारी करने की व्यवस्था की है, ताकि दावा प्राप्त होने के बाद विश्वविद्यालयों और छात्रों को आवश्यक राशि जल्द उपलब्ध कराई जा सके।

सरकार के इन कदमों का उद्देश्य अनुसूचित जाति के छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना, आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाना और छात्रवृत्ति की राशि समय पर पहुंचाना है।

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