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जमशेदपुर में एआईएफआई का विशेष सत्र: ऊर्जा दक्षता और स्मार्ट फोर्जिंग तकनीकों पर हुआ मंथन”

पूर्वी भारत में मजबूत हुई एआईएफआई की मौजूदगी, उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक विनिर्माण के नए समाधान

Amar sandesh नई दिल्ली/जमशेदपुर। भारतीय फोर्जिंग उद्योग के शीर्ष संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडियन फोर्जिंग इंडस्ट्री (AIFI) ने जमशेदपुर में एक विशेष ज्ञानवर्धक सत्र का सफल आयोजन किया। इस आयोजन के माध्यम से एआईएफआई ने पूर्वी भारत में अपनी सक्रिय उपस्थिति को और मजबूत करते हुए फोर्जिंग उद्योग में तकनीकी नवाचार, ऊर्जा दक्षता, स्वचालन तथा आधुनिक विनिर्माण समाधानों पर व्यापक चर्चा की।

कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों, तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियरों एवं फोर्जिंग क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों ने भाग लिया। सत्र का मुख्य उद्देश्य उद्योग को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन क्षमता, परिचालन दक्षता और दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नरेश जालान के मुख्य संबोधन से हुआ।उन्होंने फोर्जिंग उद्योग के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने के लिए तकनीक अपनाना, सतत विकास और परिचालन उत्कृष्टता अत्यंत आवश्यक है।

तकनीकी सत्र की शुरुआत मेगाथर्म इंडक्शन लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (सेल्स) एवं इंडक्शन हीटिंग एंड हार्डनिंग डिवीजन के प्रमुख सैकत चटर्जी की प्रस्तुति से हुई। उन्होंने “इंडक्शन हीटिंग एवं हार्डनिंग में ऊर्जा दक्षता कैसे बढ़ाएं” विषय पर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से ऊर्जा की खपत कम कर उत्पादन क्षमता और लाभप्रदता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।

इस अवसर पर एआईएफआई के अध्यक्ष यश मुनोत ने कहा कि फोर्जिंग उद्योग अब दक्षता, स्थिरता और तकनीकी नवाचार के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि एआईएफआई उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों को आधुनिक ज्ञान और संसाधनों से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। जमशेदपुर में उद्योग जगत की उत्साहपूर्ण भागीदारी पूर्वी भारत में फोर्जिंग क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं का स्पष्ट संकेत है।

इसके बाद एचएफएम कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जियोंग जोंग हो ने “पारंपरिक फोर्जिंग से स्मार्ट फोर्जिंग तक” विषय पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि आधुनिक प्रेस तकनीक, ऑटोमेशन और बुद्धिमान विनिर्माण प्रणालियां किस प्रकार उत्पादन की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं।

वहीं इंडक्टोथर्म (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक पार्थेय पटेल ने गैर-लौह धातुओं के लिए इंडक्शन हीटिंग तकनीक और उसके नवीनतम विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उभरती हुई तकनीकें उत्पादन में अधिक सटीकता, विश्वसनीयता और उत्पादकता सुनिश्चित कर रही हैं।

कार्यक्रम के अंतिम तकनीकी सत्र में येस्कोल्यूब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संदीप गायकवाड़ ने उच्च प्रदर्शन एवं किफायती फोर्जिंग डाई लुब्रिकेंट्स पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि उन्नत लुब्रिकेंट्स के उपयोग से डाई की आयु बढ़ाने, उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने और रखरखाव लागत कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।

यह विशेष सत्र ज्ञान के आदान-प्रदान, तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन तथा भारतीय फोर्जिंग उद्योग को अधिक स्मार्ट, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

गौरतलब है कि वर्ष 1965 में स्थापित एआईएफआई देश का सबसे पुराना और सबसे बड़ा फोर्जिंग उद्योग संगठन है, जिसके 200 से अधिक सदस्य देशभर में कार्यरत हैं। भारतीय फोर्जिंग उद्योग आज ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, रेलवे और इंजीनियरिंग क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा भारत को विश्व का दूसरा सबसे बड़ा फोर्जिंग उत्पादक देश बनाने में योगदान दे रहा है।

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