Uncategorizedराष्ट्रीय

सिलीगुड़ी की बनानी सोम: जूट और धागों से हस्तशिल्प में बिखेर रही हैं अनोखा जादू

-डा. झिलिक सोम
सिलीगुड़ी। आज के आधुनिक दौर में जहां मशीन से बनी चीजों का बोलबाला है, वहीं पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली श्रीमती बनानी सोम अपने हाथों के हुनर से हस्तशिल्प (Handicraft) की दुनिया में एक अनूठी मिसाल पेश कर रही हैं। बनानी जी पर्यावरण के अनुकूल जूट (पटसन) और रंग-बिरंगे धागों का इस्तेमाल करके ऐसे खूबसूरत आभूषण और कंगन तैयार करती हैं, जिन्हें देखकर हर कोई दांतों तले उंगली दबा ले।
उनकी कला की सबसे खास बात यह है कि वे पारंपरिक शिल्पकला को आधुनिक फैशन के साथ बेहद खूबसूरती से जोड़ती हैं। आइए जानते हैं कि बनानी सोम अपनी इस जादुई कला को कैसे अंजाम देती हैं:

कपड़े और धागों का अनूठा संगम (थ्रेड ज्वेलरी)

बनानी जी जब कंगन (bangles), नेकलेस, झुमके और अंगूठियां बनाती हैं, तो उनकी फिनिशिंग देखते ही बनती है। कंगन बनाने की उनकी कला बेहद बारीकी से भरी है:
मजबूत आधार: वे सबसे पहले लकड़ी (wooden) या धातु (metal) से बने कंगन के बेस को लेती हैं।
कपड़े का तालमेल: इस बेस पर बेहद सफाई से ग्लू (गोंद) लगाकर कपड़े को चिपकाया जाता है।
धागे की कढ़ाई और सजावट: कपड़े के सूखने के बाद असली कलाकारी शुरू होती है। बनानी जी सुई-धागे से इस पर बारीक और सुंदर कढ़ाई (embroidery) करती हैं। इसके बाद कंगन को रॉयल लुक देने के लिए उस पर चमकीले मोती, मिरर (कांच) और कुंदन को बड़ी ही नफासत से सजाया जाता है।

जूट से बिखेरती हैं पारंपरिक चमक

जूट को अक्सर एक साधारण बोरी या रस्सी के रूप में देखा जाता है, लेकिन बनानी सोम के हाथों में आकर यही जूट एक बेसकीमती गहने का रूप ले लेता है।
वे कंगन के बेस पर ग्लू लगाकर जूट की रस्सी (jute rope) को इतनी मजबूती और सटीकता से लपेटती हैं कि उसमें जरा सा भी गैप नहीं दिखता।
जूट का यह रस्टिक (rustic) बेस तैयार होने के बाद, वे इसे पारंपरिक भारतीय रंग देने के लिए कौड़ियों (kowri), रंग-बिरंगे कॉटन बॉल्स, मिरर और छोटी-छोटी लटकने वाली बॉल्स (hanging balls) से सजाती हैं। पर्यावरण के अनुकूल और स्वावलंबन की मिसाल
बनानी सोम द्वारा बनाए गए ये कंगन, झुमके और नेकलेस न सिर्फ दिखने में आकर्षक हैं, बल्कि पूरी तरह से इको-फ्रेंडली (पर्यावरण के अनुकूल) भी हैं। प्लास्टिक के इस युग में जूट और सूती धागों का ऐसा उपयोग प्रकृति को सहेजने का संदेश भी देता है।
सिलीगुड़ी जैसे छोटे शहर से निकलकर अपने हुनर के दम पर पहचान बनाने वाली श्रीमती बनानी सोम आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके द्वारा बनाए गए ये हस्तशिल्प उत्पाद त्योहारों, शादियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिलाओं की पहली पसंद बन रहे हैं। उनके इस हुनर और जज्बे को हमारा सलाम!

Share This Post:-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *