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“सादगी से जीता दिल, सेवा से बनाया इतिहास: ‘भगतदा’ को पद्मभूषण मिलते ही उत्तराखंड से दिल्ली तक जश्न, देश बोला– यही हैं असली जननेता”
अमर चंद्र
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा के बाद उत्तराखंड सहित पूरे देश में खुशी और गर्व का माहौल है। 25 मई 2026 को उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा। राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, सामाजिक जीवन और राजनीति में उनके लंबे एवं उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा यह सम्मान दिया जा रहा है।
राज्य के विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों और आम जनता ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भगतदा को बधाई दी है। लोगों का कहना है कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, संघर्ष और जनसेवा की भावना का भी सम्मान है।
जनता के बीच “भगतदा” के नाम से लोकप्रिय भगत सिंह कोश्यारी अपनी सादगी, स्पष्टवादिता और जनसरोकारों से जुड़ी राजनीति के लिए लंबे समय से पहचाने जाते रहे हैं। उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक उनकी भूमिका को लोग आज भी याद करते हैं। समर्थकों का कहना है कि उन्होंने हमेशा राजनीति को सेवा का माध्यम माना और आम लोगों से आत्मीय संबंध बनाए रखे।
शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। राज्यपाल रहते हुए उन्होंने विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में संवाद की परंपरा को बढ़ावा दिया। वहीं संगठनात्मक क्षमता और प्रशासनिक अनुभव के कारण वे भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी एक महत्वपूर्ण और सम्मानित चेहरा रहे हैं।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कहा कि भगतदा का जीवन संघर्ष, सादगी और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायक मिसाल है। उनके व्यक्तित्व में “सादा जीवन, उच्च विचार” की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। यही कारण है कि हर वर्ग और हर राजनीतिक विचारधारा के लोग उनका सम्मान करते हैं।
पद्मभूषण सम्मान की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यों की सराहना की। समर्थकों ने इसे उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि भगत सिंह कोश्यारी ने अपने कार्यों से हमेशा राज्य और देश का मान बढ़ाया है।
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