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Amar sandesh दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद राजनेता,व प्रशासनिक अधिकारी उस पर अमल करते दिख रहे आज उत्तराखंड में ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और ईंधन बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा शुरू किया गया “नो व्हीकल डे” अभियान अब जनचर्चा का विषय बनता जा रहा है। विभाग ने प्रत्येक शनिवार को “No Vehicle Day” घोषित कर एक नई सकारात्मक सोच की शुरुआत की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।
इस प्रेरणादायक पहल को और प्रभावी बनाते हुए सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी स्वयं अपने घर से साइकिल चलाकर निदेशालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
आज देश में तेजी से बढ़ते वाहनों के कारण प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। वाहनों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा बनता जा रहा है। ऐसे समय में उत्तराखंड सूचना विभाग की यह पहल समाज को जागरूक करने वाली और नई सोच को प्रेरित करने वाली साबित हो रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की बचत केवल पर्यावरण सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश की आर्थिक मजबूती भी जुड़ी हुई है। भारत बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है, जिस पर भारी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। ऐसे में ईंधन की बचत सीधे तौर पर देशहित से जुड़ा विषय बन जाता है।
उत्तराखंड सूचना विभाग की यह पहल अब अन्य सरकारी विभागों और आम नागरिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। यदि लोग सप्ताह में एक दिन वाहन का उपयोग कम करने का संकल्प लें, तो प्रदूषण नियंत्रण, ऊर्जा संरक्षण और स्वस्थ समाज की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
यह अभियान केवल “नो व्हीकल डे” नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य देने की एक मजबूत शुरुआत माना जा रहा है।
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