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23 हजार से अधिक विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक पहुँची नई उम्मीद, एलिम्को और उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयार किया सशक्तिकरण का रोडमैप

Amar sandesh दिल्ली/कानपुर, 25 जून। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) द्वारा गुरुवार को कानपुर स्थित मुख्यालय में राज्य स्तरीय कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में सहायक उपकरणों की गुणवत्ता, प्रभावशीलता, उपलब्धता तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा (आई.ए.एस )ने की। बैठक में मोनिका रानी,(आई.ए.एस (महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, उत्तर प्रदेश सहित एलिम्को के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। एलिम्को की ओर से अतुल रुस्तगी (महाप्रबंधक-वित्त), अजय चौधरी (महाप्रबंधक- कॉर्पोरेट मार्केटिंग) तथा विवेक द्विवेदी (महाप्रबंधक-उत्पादन) उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी 75 जनपदों के जिला समन्वयकों ने भी कार्यशाला में भाग लिया।

कार्यशाला के दौरान एलिम्को के विशेषज्ञों ने सहायक उपकरणों की गुणवत्ता, उपयोगिता, नवीन प्रौद्योगिकी, फिटमेंट, अनुरक्षण और सेवा वितरण प्रणाली से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में जनपदवार उपकरण वितरण की स्थिति, पात्र बच्चों तक उनकी पहुँच, उपकरणों की गुणवत्ता, वितरण उपरांत फॉलो-अप गतिविधियों तथा बच्चों के शैक्षिक और सामाजिक जीवन पर पड़ रहे प्रभाव का व्यापक मूल्यांकन किया गया।

अपने संबोधन में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक आधुनिक एवं उन्नत सहायक उपकरणों की पहुँच को और अधिक मजबूत बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से विभिन्न संस्थानों और कंपनियों की भागीदारी बढ़ाकर उपकरण वितरण का दायरा विस्तारित करने पर जोर दिया। उन्होंने एलिम्को द्वारा विकसित नवीन तकनीक आधारित उपकरणों का लाभ अधिकाधिक बच्चों तक पहुँचाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने श्रवण यंत्रों की जांच और फिटिंग प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मोबाइल वैन विकसित करने तथा जन औषधि केंद्रों में एलिम्को के सहायक उपकरणों के प्रदर्शन एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने की संभावनाओं पर भी बल दिया।

मोनिका रानी ने निर्देश दिए कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाले हाई-एंड सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएँ। उन्होंने स्पेशल एजुकेटरों के लिए एलिम्को द्वारा विकसित नवीन उपकरणों के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा टीचिंग-लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) किट के परीक्षण और वितरण की प्रक्रिया को गति देने की आवश्यकता बताई।

बैठक के उपरांत पार्थ सारथी सेन शर्मा, मोनिका रानी तथा सभी जिला समन्वयकों ने एलिम्को मुख्यालय का भ्रमण कर निगम द्वारा निर्मित विभिन्न सहायक उपकरणों, उनकी निर्माण प्रक्रिया और आधुनिक विनिर्माण सुविधाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने एलिम्को द्वारा विकसित अत्याधुनिक सहायक प्रौद्योगिकी उत्पादों की गुणवत्ता और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के जीवन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की‌

गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लगभग 23,093 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को 31,164 विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। योजना की लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा एडीआईपी-एसएसए योजना के अंतर्गत तथा शेष 40 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया गया।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सहायक उपकरण केवल दैनिक गतिविधियों को आसान बनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास, शिक्षा, स्वतंत्र जीवन और सामाजिक सहभागिता को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।सभी प्रतिभागियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अधिकाधिक पात्र बच्चों तक इसका लाभ पहुँचाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। अमर संदेश को यह जानकारी सुमित तिवारी एलिम्को के जनसंपर्क अधिकारी द्वारा दी गई।

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