अगस्त क्रांति के उपलक्ष्य में कविकल्प की गोष्ठी*
Amar sandesh कोलकाता, 10 अगस्त। महानगर की स्वनामधन्य साहित्यिक संस्था बंगीय हिंदी परिषद में अगस्त क्रांति की स्मृति में कविकल्प की मासिक गोष्ठी का आयोजन किया गया , जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि डॉ. गिरिधर राय ने की। प्रधान अतिथि के रूप में देवरिया से पधारे हिंदी और संस्कृत के प्रकांड विद्वान डॉ. मधुसूदन मणि त्रिपाठी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पंजाब के कथाकार एवं कवि भूपिंदर सिंह देओत उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रणति ठाकुर की सरस्वती वंदना से हुआ।स्वागत वक्तव्य देते हुए परिषद् के मंत्री डॉ. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने परिषद् की ऐतिहासिक विरासत से लोगों को परिचित कराया तथा अगस्त क्रांति की महत्ता पर प्रकाश डाला।
काकोरी काण्ड के नायकों के प्रति विनम्र श्रद्धा भाव प्रकट करते हुए कवियों ने अपनी काव्यांजलि प्रस्तुत की। अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए डॉ. गिरिधर राय ने परिषद् के साहित्यिक आयोजनों की सराहना की। प्रधान अतिथि डॉ. त्रिपाठी ने परिषद् में आमंत्रित किए जाने पर आभार व्यक्त किया और परिषद् के संकल्पों की सराहना की।उन्होंने अपनी कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।समारोह में विनय कुमार शर्मा, प्रवेश पटियालवी, कमल पुरोहित , रामपुकार सिंह,अय्यूब वारसी,ब्रजेश कुमार त्रिपाठी,प्रतिभा सिंह, लवलेश कुमार, मनोज मिश्र, गणेश नाथ तिवारी, मनोज कुमार मिश्र, रामनारायण झा, बीना रजक, विश्वजीत ठाकुर, नंदलाल रौशन, रंजीत सिंह , शिवम त्रिपाठी, पुष्पा मिश्रा , दीपक साहा,रुद्र कुमार सिंह, मनोज गुप्ता, कुमार संकल्प, विनोद कुमार यादव, नज़ीर राही, नश्तर शहूदी, जातिब हयाल, विनय जायसवाल, चंद्र किशोर चौधरी, मुज़्तर इफ़्तेख़ारी, मंजू तिलक,देवमित्र चक्रवर्ती, रणजीत भारती, नंदू बिहारी, अम्बर सिद्दीक़ी, यूसुफ़ अख़्तर, मुश्ताक़ ज़ैर, राधा गुप्ता, सुरेन्द्र सिंह,तथा सूरज रजक उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन प्रदीप कुमार धानुक ने किया तथा प्रबंधन कमल पुरोहित ने किया। विशिष्ट अतिथि का स्वागत एवं परिचय शिप्रा मिश्रा ने कराया तथा मंचस्थ अतिथियों का अंगवस्त्र से सम्मान पुष्पा मिश्रा ने किया। परिषद् के उपाध्यक्ष रामपुकार सिंह गाजीपुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

