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भारत की हरित ऊर्जा यात्रा को नई उड़ान, NHPC और ONGC Green ने किया ऐतिहासिक समझौता

Amar sandesh नई दिल्ली। देश में स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ओएनजीसी ग्रीन लिमिटेड (OGL) और एनएचपीसी लिमिटेड (NHPC) ने 24 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत दोनों सार्वजनिक उपक्रम संयुक्त रूप से पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज (Pumped Hydro Storage) तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास और संभावनाओं की तलाश करेंगे।

ओएनजीसी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ओएनजीसी ग्रीन लिमिटेड और देश की अग्रणी जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी के बीच हुई यह साझेदारी भारत के ऊर्जा परिवर्तन अभियान में एक दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग का आधार बनेगी।

ऊर्जा क्षेत्र में “वाटर बैटरी” के रूप में पहचाने जाने वाले पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज सिस्टम को बड़े पैमाने पर और लंबी अवधि तक ऊर्जा भंडारण का प्रभावी माध्यम माना जाता है। यह तकनीक विद्युत ग्रिड की स्थिरता बढ़ाने के साथ-साथ सौर एवं पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को भी संभव बनाती है।

इस साझेदारी में जहां एनएचपीसी अपनी दशकों पुरानी जलविद्युत विशेषज्ञता का योगदान देगा, वहीं ओएनजीसी ग्रीन अपनी परियोजना क्रियान्वयन क्षमता और ऊर्जा संक्रमण के व्यापक दृष्टिकोण के साथ सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। दोनों संस्थाओं का यह संयुक्त प्रयास भारत को अधिक स्वच्छ, टिकाऊ और मजबूत ऊर्जा तंत्र उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

ओएनजीसी ग्रीन लिमिटेड ने वर्ष 2030 तक 10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं ओएनजीसी ने वर्ष 2038 तक अपने स्कोप-1 और स्कोप-2 उत्सर्जन में नेट-जीरो लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह समझौता इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ हरित ऊर्जा क्रांति को भी नई गति प्रदान करेगी।

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