Uncategorizedअंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीय

वियना में गूंजी भारत की समुद्री ताकत, बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस 2026 में दिखाया नेतृत्व

वियना में गूंजी भारत की समुद्री ताकत, बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस 2026 में दिखाया नेतृत्व

Amar sandesh नई दिल्ली। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में आयोजित वर्ल्ड बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस 2026 में समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में अपना नेतृत्व प्रदर्शित किया। 14 से 16 अप्रैल तक आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
तीन सदस्यीय भारतीय दल का नेतृत्व अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला ने किया। इस सम्मेलन में दुनिया भर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सुरक्षा विशेषज्ञ और उद्योग जगत के नेता शामिल हुए, जहां सीमा प्रबंधन, उभरती चुनौतियों, तकनीकी नवाचारों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
‘मैरीटाइम सेफ्टी एंड सिक्योरिटी’ विषय पर अपने संबोधन में भारतीय तटरक्षक दल के अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला ने भारतीय तटरक्षक बल (भारतीय तटरक्षक) की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, समुद्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
श्री बडोला समुद्री सीमाओं की जटिलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते खतरों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर बेहतर समन्वय, सहयोग और एकीकृत सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता है, साथ ही राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान भी अनिवार्य है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के क्षेत्र में देश की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को भी साझा किया। भारत की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि देश वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने और सीमा व समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन में भारत की सक्रिय भागीदारी को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मजबूत समुद्री शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Amar sandesh नई दिल्ली। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में आयोजित वर्ल्ड बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस 2026 में समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में अपना नेतृत्व प्रदर्शित किया। 14 से 16 अप्रैल तक आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
तीन सदस्यीय भारतीय दल का नेतृत्व अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला ने किया। इस सम्मेलन में दुनिया भर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सुरक्षा विशेषज्ञ और उद्योग जगत के नेता शामिल हुए, जहां सीमा प्रबंधन, उभरती चुनौतियों, तकनीकी नवाचारों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
‘मैरीटाइम सेफ्टी एंड सिक्योरिटी’ विषय पर अपने संबोधन में भारतीय तटरक्षक दल के अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला ने भारतीय तटरक्षक बल (भारतीय तटरक्षक) की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, समुद्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
श्री बडोला समुद्री सीमाओं की जटिलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते खतरों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर बेहतर समन्वय, सहयोग और एकीकृत सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता है, साथ ही राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान भी अनिवार्य है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के क्षेत्र में देश की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को भी साझा किया। भारत की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि देश वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने और सीमा व समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन में भारत की सक्रिय भागीदारी को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मजबूत समुद्री शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Share This Post:-
Post Views: 34 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *