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भारत आज दुनिया की ‘कोरोना कैपिटल बन गया है-सुरजेवाला

नई दिल्ली।जैसा आप जानते हैं, देश अब कोरोना संक्रमण के मामले में दुनिया में दूसरे पायदान पर खड़ा है। एक पुरानी कहावत है, ‘रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा’ वैसे ही- देश कोरोना की गर्त में जा रहा और मोदी जी मोर को दाना चुगा रहे।प्रेस को सबोधित करते हुये अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रमुख रणदीप सिह सुरजेवाला ने कहीं।उनहोने कहा
24 मार्च, 2020 को मोदी जी ने कहा था, ‘‘महाभारत का युद्ध 18 दिन चला था। कोरोना से युद्ध जीतने में 21 दिन लगेंगे।’’ 166 दिन बाद भी समूचे देश में ‘कोरोना महामारी की महाभारत’ छिड़ी है, लोग मर रहे हैं, पर मोदी जी मोर को दाना खिला रहे हैं। कोरोना से युद्ध तो जारी है, पर सेनापति नदारद हैं। कोरोना से लड़ाई में मोदी सरकार पूरी तरह निकम्मी व नाकारा साबित हुई है। महामारी की विभीषिका में भाजपा ने देश के लोगों को अपने हाल पर बेहाल छोड़ दिया है। भारत आज दुनिया की ‘कोरोना कैपिटल’ बन गया है। आज समूचे देश में कोरोना महामारी के संक्रमण में भारत दुनिया में अब दूसरे स्थान पर है। पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना संक्रमण के 90,802 केस आए हैं। अमेरिका व ब्राजील में इसके आधे केस भी नहीं व दुनिया के और देशों में 24 घंटे में दस हजार से ज्यादा केस नहीं।उन्होंने कहा कि बगैर सोचे, बगैर समझे, बगैर विचार विमर्श के मात्र तीन घंटे के नोटिस पर किए गए मोदी जी के 24 मार्च, 2020 के लॉकडाऊन से न तो कोरोना महामारी रुकी, बल्कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था व लोगों की रोजगार-रोटी की कमर पूरी तरह से तोड़ दी। देश के इतिहास में नेतृत्व की विफलता का यह सबसे बड़ा तुगलकी उदाहरण गिना जाएगा।
मोदी जी के कमरतोड़ लॉकडाऊन तथा दर्जनों तुगलकी आदेशों के दस नतीजे देखें:-

. भूखे-प्यासे करोड़ों मजदूर सैकड़ों-हजारों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी को मजबूर हो गए। 150 से अधिक की मृत्यु हो गई।
. संघीय ढांचे को तार-तार करते हुए देशबंदी यानि लॉकडाऊन से पहले मोदी जी ने किसी प्रांत व मुख्यमंत्री की राय नहीं ली। देश के इतिहास में एक व्यक्ति की मनमानी वाला यह सबसे बड़ा निर्णय है।

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