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“जहां कभी होती थी खनन गतिविधि, वहां अब उगेंगे मखाने और होगा मछली पालन”
Amar sandesh दिल्ली/रांची। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने रांची में सीएमपीडीआई की समीक्षा बैठक के दौरान बड़ा विजन पेश करते हुए कहा कि बंद हो चुकी खदानों को अब रोजगार और आर्थिक विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने पुनर्वासित खदान क्षेत्रों में मखाना खेती और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जिससे स्थानीय लोगों को स्थायी रोजगार और आय के नए अवसर मिल सकेंगे।
बैठक में सीएमपीडीआई के सीएमडी चौधरी शिवराज सिंह, सीसीएल के सीएमडी नीलेन्दु कुमार सिंह, एमईसीएल के सीएमडी आईडी नारायण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान वर्ष 2025-26 में सीएमपीडीआई के कार्यों तथा वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें कोयला एवं खनिज अन्वेषण, अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं, पूंजीगत व्यय, सीएसआर गतिविधियां और सौर परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई।
केंद्रीय मंत्री श्री दुबे ने सीएमपीडीआई के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के लिए स्वच्छ कोयला तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों का अन्वेषण बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को खरीद प्रक्रियाएं सरल बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान सीएमपीडीआईएल और एमईसीएल के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के जरिए कोयला और अन्य खनिजों के संयुक्त अन्वेषण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश में नई खदानों के विकास और खनिज भंडार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी और खनिज क्षेत्र में भारत को और मजबूत बनाएगी।
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