राष्ट्रीयहरियाणा

17 जुलाई को हाइड्रोजन ट्रेन से हरियाणा भरेगा विकास की नई उड़ान

लेखक -डॉ. अर्चना गुप्ता (प्रदेश अध्यक्ष,भाजपा, हरियाणा)

 

17 जुलाई 2026 का दिन हरियाणा के इतिहास में केवल एक सरकारी कार्यक्रम के तौर पर दर्ज नहीं होने जा रहा, बल्कि यह प्रदेश की आधुनिक तकनीक, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का एक ऐतिहासिक प्रतीक बनेगा।

जींद की पावन धरा से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जब भारत की पहली हाइड्रोजन आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे तो देश स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन के एक नए और अभूतपूर्व युग में कदम रखेगा। इसके साथ ही हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास सूबे को ‘‘विकसित हरियाणा से विकसित भारत’’ के संकल्प की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगा।

बुनियादी ढांचे का कायाकल्प और वैश्विक पहचान

विगत एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने सड़क, रेल, हवाई अड्डों और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जो रफ्तार पकड़ी है, उसने भारत की आर्थिक क्षमता को नई रीढ़ दी है। हरियाणा इस बदलते भारत की तस्वीर का न केवल साक्षी रहा है, बल्कि इसका सबसे बड़ा सहभागी भी बनकर उभरा है।

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का हरियाणा से शुरू होना हमारे तकनीकी कौशल और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का वैश्विक प्रमाण है। हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन माना जाता है, जो कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम कर जीवाश्म ईंधन पर हमारी निर्भरता को खत्म करेगा। इस तकनीक को अपनाकर हरियाणा अब सिर्फ कृषि और उद्योग में ही नहीं, बल्कि हरित प्रौद्योगिकी (ग्रीन टेक्नोलॉजी) के मामले में भी देश का अग्रणी राज्य बनने जा रहा है।

एक अनूठी पहल: पूर्णतः इको-फ्रेंडली जनसभा

 इस बार जींद की जनसभा भी पर्यावरण संरक्षण का एक जीवंत उदाहरण बनेगी।मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार, इस पूरे आयोजन को पर्यावरण अनुकूल बनाया गया है, जहां पेट्रोल-डीजल वाहनों के स्थान पर केवल इलेक्ट्रिक वाहनों, सीएनजी वाहनों और ई-रिक्शा का ही उपयोग किया जाएगा। यह कदम वैश्विक मंचों पर प्रधानमंत्री के ‘‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’’ के संदेश को धरातल पर उतारने जैसा है।

17 जुलाई को जिन ऐतिहासिक परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है, वे सीधे तौर पर हरियाणा की अर्थव्यवस्था और जनजीवन को प्रभावित करेंगी:

स्वास्थ्य क्रांति: भिवानी और नारनौल में नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत से दक्षिण हरियाणा के लाखों लोगों को अपने घर के नजदीक ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

जाम से मुक्ति: कुरुक्षेत्र का एलिवेटेड रेलवे ट्रैक शहर की बरसों पुरानी जाम की समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर देगा।

सड़कों का जाल: दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे, अंबाला-कालाअम्ब ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-352ए), हांसी-बरवाला फोरलेन और बीकानेर-सिवानी-सोनीपत सड़क परियोजनाएं प्रदेश के सुदूर इलाकों को आपस में जोड़ेंगी।

बेहतर सड़क संपर्क का सीधा फायदा हमारे किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को मिलेगा। माल ढुलाई की लागत घटेगी, जिससे प्रदेश में नया निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही, कुरुक्षेत्र में बनने वाला आधुनिक सिख म्यूजियम राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को एक नई ऊंचाई देगा।

घोषणाओं से परे: समयबद्ध क्रियान्वयन और समावेशी विकास

हमारी डबल इंजन सरकार की सबसे बड़ी ताकत यही है कि हम योजनाओं को सिर्फ कागजों या घोषणाओं तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उनका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हैं। आज हरियाणा का जो विकास दिख रहा है, उसका लाभ सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत होने से किसान सीधे बड़े बाजारों से जुड़ रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन समाप्त हो रहा है। यही सही मायनों में ‘‘सबका साथ, सबका विकास’’ की अवधारणा है।

हरियाणा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आत्मीय लगाव जगजाहिर है। वे जब भी आए हैं, प्रदेश के लिए प्रगति की नई सौगात लेकर आए हैं। भारतीय जनता पार्टी का यह अटूट विश्वास है कि विकसित भारत का रास्ता विकसित राज्यों की गलियों से होकर ही गुजरता है।

आइए, 17 जुलाई के इस ऐतिहासिक दिन को हम केवल एक समारोह के रूप में नहीं, बल्कि हरित विकास, सुशासन और जनभागीदारी के महापर्व के रूप में मनाएं। जींद से शुरू होने वाली यह विकास यात्रा आने वाले समय में हरियाणा की तरक्की का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखेगी।

विकास, विश्वास और उज्ज्वल भविष्यकृयही आज के हरियाणा का नया संकल्प है।

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