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पेट्रोलियम मंत्रालय के राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में विशेषज्ञों की संयुक्त प्रेस वार्ता, ऊर्जा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के दिग्गजों ने कहा—वैज्ञानिक परीक्षण, पारदर्शी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय मानकों के बाद ही लागू किया गया E20 कार्यक्रम
Amar sandesh नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय मीडिया सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर फैलाई जा रही आशंकाओं और भ्रांतियों पर विस्तार से जवाब दिया गया। ऊर्जा एवं ऑटोमोबाइल क्षेत्र के शीर्ष विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि E20 एक स्वच्छ, सुरक्षित और उच्च प्रदर्शन वाला ईंधन है, जिसे पुराने वाहनों पर व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण, अंतरराष्ट्रीय मानकों और सभी हितधारकों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद ही देशभर में लागू किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि उपभोक्ताओं को E20 को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
प्रेस वार्ता में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) की पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) वर्तिका शुक्ला, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (कॉरपोरेट अफेयर्स) राहुल भारती, हीरो मोटोकॉर्प के चीफ बिजनेस ऑफिसर आशुतोष वर्मा, टीवीएस मोटर कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रसाद कृष्णन, हुंडई मोटर इंडिया के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट पुनीत आनंद तथा बजाज ऑटो लिमिटेड के सर्किल हेड–सेल्स (नॉर्थ एवं ईस्ट), अर्बनाइट बिजनेस मनप्रीत सिंह बिंद्रा मौजूद रहे।
वर्तिका शुक्ला: वैज्ञानिक प्रमाण, पारदर्शिता और वैश्विक मानकों पर आधारित है E20 कार्यक्रम
पूर्व सीएमडी, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) वर्तिका शुक्ला ने कहा कि E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम पूरी तरह पारदर्शी (Transparency), वैज्ञानिक तथ्यों और सभी हितधारकों के व्यापक विचार-विमर्श के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के सभी प्रमुख वाहन निर्माताओं द्वारा व्यापक परीक्षण किए गए हैं तथा यह कार्यक्रम वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप लागू किया गया है।
उन्होंने बताया कि E20 ईंधन भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों तथा BS-VI उत्सर्जन मानकों का पूरी तरह पालन करता है और देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर समान गुणवत्ता के साथ उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक देशों में वर्षों से एथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।
विक्रम गुलाटी: पुराने वाहनों पर कठोर परीक्षण के बाद ही लागू हुआ E20
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग दुनिया के सबसे अधिक विनियमित क्षेत्रों में से एक है और किसी भी तकनीक को लागू करने से पहले स्वतंत्र एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त एजेंसियों द्वारा कठोर परीक्षण किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि E20 एक स्वच्छ और उच्च प्रदर्शन वाला ईंधन है, जिसका उपयोग दुनिया में लंबे समय से किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने वाहनों पर व्यापक परीक्षण के बाद ही E20 को लागू किया गया। साथ ही बताया कि हाल ही में शुरू किए गए E85 डिस्पेंसिंग स्टेशन केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए हैं।
टेस्टिंग एजेंसियों की विश्वसनीयता पर उन्होंने कहा कि भारत UNECE के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करता है तथा परीक्षण प्रक्रियाएं वैश्विक स्तर पर निर्धारित हैं। इनमें किसी प्रकार का समझौता संभव नहीं है।
राहुल भारती: 1.5 करोड़ से अधिक पुराने वाहनों में E20 से जुड़ी कोई शिकायत नहीं
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (कॉरपोरेट अफेयर्स) राहुल भारती ने ग्राहकों के लिए “स्टेटमेंट ऑफ कॉन्फिडेंस” जारी करते हुए कहा कि E10 के लिए डिज़ाइन किए गए वाहनों का भी E20 के साथ सभी मानकों पर परीक्षण किया गया और किसी भी स्तर पर चिंता का विषय सामने नहीं आया।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की, जिनमें 1.5 करोड़ से अधिक वाहन तीन वर्ष से पुराने थे, लेकिन किसी भी वाहन में जंग, अतिरिक्त घिसाव या पुर्जों की आयु पर E20 का कोई नकारात्मक प्रभाव दर्ज नहीं किया गया।
माइलेज पर उन्होंने कहा कि E20 का कैलोरिफिक वैल्यू E10 की तुलना में लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत कम है। यदि कोई वाहन 20 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देता है तो इसका प्रभाव लगभग 0.6 किलोमीटर प्रति लीटर तक सीमित रहेगा। वहीं बेहतर एक्सीलरेशन, बेहतर एंटी-नॉकिंग क्षमता और कम प्रदूषण इस मामूली अंतर की भरपाई कर देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल E20 के लिए कोई रेट्रोफिट किट बाजार में उपलब्ध नहीं है।
आशुतोष वर्मा: सर्विस डेटा में E20 से अतिरिक्त नुकसान का कोई प्रमाण नहीं
हीरो मोटोकॉर्प के चीफ बिजनेस ऑफिसर आशुतोष वर्मा ने कहा कि कंपनी ने अपने व्यापक सर्विस डेटा का विश्लेषण किया है। इस विश्लेषण में E20 ईंधन का उपयोग करने वाले दोपहिया वाहनों में पहले के ईंधन की तुलना में किसी अतिरिक्त नुकसान या खराबी का कोई प्रमाण नहीं मिला।
प्रसाद कृष्णन: उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं
टीवीएस मोटर कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रसाद कृष्णन ने कहा कि कंपनी ने भी E20 को लेकर व्यापक तकनीकी अध्ययन और परीक्षण किए हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और E20 भविष्य के स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वच्छ ऊर्जा नीति के साथ पूरी तरह प्रतिबद्ध है हुंडई पुनीत आनंद
हुंडई मोटर इंडिया के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट पुनीत आनंद ने कहा कि कंपनी सरकार की स्वच्छ ऊर्जा नीति के साथ पूरी तरह प्रतिबद्ध है। E20 को लेकर आवश्यक तकनीकी परीक्षण पूरे किए जा चुके हैं और ग्राहकों को इसके उपयोग को लेकर किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी चाहिए।
मनप्रीत सिंह बिंद्रा: जागरूकता बढ़ाने के लिए उद्योग करेगा सहयोग
बजाज ऑटो लिमिटेड के सर्किल हेड–सेल्स (नॉर्थ एवं ईस्ट), अर्बनाइट बिजनेस मनप्रीत सिंह बिंद्रा ने कहा कि E20 कार्यक्रम स्वच्छ ईंधन की दिशा में भारत का महत्वपूर्ण कदम है। उद्योग सरकार के साथ मिलकर उपभोक्ताओं की सभी शंकाओं का समाधान करने और E20 के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य करता रहेगा।
प्रेस वार्ता के अंत में सभी विशेषज्ञों ने कहा कि E20 कार्यक्रम भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता, कम प्रदूषण, स्वच्छ ईंधन और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगा। वैज्ञानिक परीक्षणों, वैश्विक मानकों और उद्योग के अनुभव के आधार पर E20 पूरी तरह सुरक्षित है तथा इसे लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
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