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उत्तराखंड के गौरव को मिला राष्ट्रीय सम्मान, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में जुटे समाज और राजनीति के अनेक गणमान्य लोग
अमर चंद्र
नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ व्यापार मंडल एवं नई दिल्ली भाजपा परिवार की ओर से दिल्ली स्थित Press Club of India में उत्तराखंड के वरिष्ठ राजनेता, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र-गोवा भगत सिंह कोश्यारी को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान “पद्म भूषण” से अलंकृत किए जाने पर भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उत्तराखंड मूल के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समारोह की अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी को मिला “पद्म भूषण” सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की जनता, संस्कृति और संघर्षशील समाज का सम्मान है। उन्होंने कहा कि कोश्यारी जी का लगभग 66 वर्षों का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रसेवा, पत्रकारिता, शिक्षा एवं राजनीति के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान से भरा रहा है।
सीए राजेश्वर पैन्यूली ने कहा कि प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र सहित उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के विकास में कोश्यारी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने सदैव जनसरोकारों को प्राथमिकता दी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का प्रयास किया।
इस अवसर पर पद्म भूषण से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव और संवेदनशीलता सदैव देखने को मिलती है। कोश्यारी जी ने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक उत्थान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सूर्य प्रकाश सेमवाल, डॉ. विनोद बछेती, डॉ. हरिसुमन बिष्ट सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए भगत सिंह कोश्यारी के सरल व्यक्तित्व, जनसेवा और राष्ट्रनिष्ठा की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
समारोह के दौरान पंकज पैन्यूली, प्रताप थलवाल, मुरार कंडारी, सत्यप्रकाश नौटियाल, अनिल पंत, गिरीश शर्मा,मोहन सिंह रावत, हरीश असवाल,मनमोहन शाह, श्रीमती मीना कंडवाल,सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं सामाजिक एकजुटता का भी विशेष संदेश देखने को मिला।
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