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स्वास्थ्य सेवा का अधिकार अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर निभाएं जिम्मेदारी:– ओम बिरला”

नासिक में ‘अशोका हेल्थ सिटी’ का उद्घाटन, चिकित्सा अनुसंधान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाने पर दिया जोर

 

Amar sandesh दिल्ली/नासिक।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि देश के अंतिम व्यक्ति तक अच्छी, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए सरकार और निजी संस्थानों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने महाराष्ट्र के नासिक में ‘अशोका हेल्थ सिटी’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों तक भी समान रूप से पहुंचना चाहिए।

ओम बिरला ने कहा कि नासिक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना की पावन भूमि है। त्र्यंबकेश्वर महादेव, संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणादायी विरासत आज भी समाज को जनसेवा, साहस और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देती है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या और सीटों में वृद्धि, चिकित्सा अवसंरचना का विस्तार तथा आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास को नई गति मिली है।

लोकसभा अध्यक्ष ने चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार को भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए अशोका हेल्थ सिटी से मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, कैंसर उपचार, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं तथा रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई-नई बीमारियों की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत को अनुसंधान, विज्ञान और आधुनिक तकनीक में अपनी क्षमता और अधिक मजबूत करनी होगी।

ओम बिरला ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों ने वैक्सीन विकसित कर पूरी दुनिया के सामने भारत की वैज्ञानिक क्षमता का परिचय दिया। भविष्य में भी सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर स्वास्थ्य अनुसंधान तथा रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करना होगा।

उन्होंने विश्वविद्यालयों और मेडिकल संस्थानों में अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा को जनसेवा से जोड़ना समय की मांग है। मेडिकल छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए ताकि देश के सुदूर इलाकों में रहने वाले लोगों को भी समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

मातृ एवं शिशु अस्पताल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश में शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए आधुनिक अस्पतालों और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने निजी संस्थानों से सामाजिक दायित्व निभाते हुए जनसेवा की भावना के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल, राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, सांसद तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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