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हिंदू कॉलेज के 50 NSS विद्यार्थियों ने यमुना छठ घाट पर चलाया स्वच्छता अभियान, फ्रेंड्स ऑफ यमुना फाउंडेशन ने सहभागियों को किया सम्मानित
Amar sandesh नई दिल्ली। भारत सरकार के युवा एवं खेल मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज की NSS टीम ने फ्रेंड्स ऑफ यमुना फाउंडेशन के सहयोग से यमुना छठ घाट पर ‘मां यमुना स्वच्छता पखवाड़ा’ के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान का नेतृत्व धर्म चौरसिया ने किया।
स्वच्छता अभियान में हिंदू कॉलेज के करीब 50 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए यमुना घाट और उसके आसपास से लगभग 15 बोरियां, करीब 120 किलोग्राम पॉलीथिन एवं अन्य अपशिष्ट एकत्रित किए और उन्हें निर्धारित कूड़ेदान में डाला। अभियान के अंत में फ्रेंड्स ऑफ यमुना फाउंडेशन की ओर से सभी सहभागियों को उनकी सराहनीय सेवाभावना के लिए प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर यमुना बाबा अशोक उपाध्याय ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का यमुना स्वच्छता अभियान में शामिल होना उत्साहजनक है। युवाओं द्वारा किया गया यह सेवाभाव आने वाले समय में मां यमुना को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
फ्रेंड्स ऑफ यमुना फाउंडेशन के सचिव एवं यमुना सेवक परविंदर मिश्रा ने कहा, “जवानी जिधर चलती है, जमाना भी उधर चला है।” उन्होंने कहा कि इतिहास में जब भी किसी आंदोलन को व्यापक और क्रांतिकारी रूप मिला है, उसमें युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब युवाओं की बढ़ती भागीदारी से उम्मीद है कि मां यमुना की स्वच्छता का अभियान और अधिक व्यापक होगा।
अभियान के नेतृत्वकर्ता धर्म चौरसिया ने कहा कि मां यमुना हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्हें स्वच्छ और निर्मल बनाए रखना केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
हिंदू कॉलेज के अध्यक्ष सचिन कुशवाहा ने कहा कि नदियां जीवनदायिनी हैं। यमुना घाट पर पहुंचने के बाद जब विद्यार्थियों ने पूजा-पाठ सामग्री और पॉलीथिन सहित बड़ी मात्रा में फैली गंदगी देखी तो उन्हें बेहद दुख हुआ। उन्होंने संकल्प लिया कि विद्यार्थी आगे भी निरंतर यमुना स्वच्छता अभियान में भाग लेते रहेंगे।
उपाध्यक्ष मयूरी और मयूरिका ने संयुक्त रूप से कहा कि वे दिल्ली के अन्य कॉलेजों के विद्यार्थियों से संपर्क कर उन्हें भी यमुना स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे और अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करेंगे।
वहीं सचिव मानसी, कोषाध्यक्ष आरव गोयल और आस्था पंत ने संयुक्त रूप से कहा कि यमुना की सफाई करते हुए उन्हें ऐसा अनुभव हुआ, जैसे उन्होंने अपनी मां की सेवा की हो। उन्होंने कहा कि यमुना की स्वच्छता के लिए दिल्ली के सभी कॉलेजों के विद्यार्थियों को आगे आकर योगदान देना चाहिए।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने स्वच्छता के साथ-साथ लोगों को यमुना में पॉलीथिन, पूजा सामग्री और अन्य कचरा न डालने के प्रति भी जागरूक किया। युवाओं की इस पहल ने यह संदेश दिया कि जनभागीदारी और युवा शक्ति के माध्यम से यमुना स्वच्छता अभियान को नई गति दी जा सकती है।
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