पहाड़ की बेटी रिया शर्मा ने अभिनय से बनाई नई पहचान, 10 से अधिक फिल्मों के बाद अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री तक पहुंचा सफर कॉर्पोरेट जगत से रंगमंच और सिनेमा तक का सफर ,परिवार की जिम्मेदारियों के बीच कभी नहीं छोड़ा अपने सपनों का साथ–रिया शर्मा नई दिल्ली। पहाड़ की मिट्टी में जन्मे सपने जब मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं, तो सफलता की नई राहें बनाते हैं। जीवन की पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने अभिनय के जुनून को जीवित रखते हुए फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली अभिनेत्री रिया शर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक है। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के पाली गांव की रहने वाली रिया शर्मा ने फिल्मों, थिएटर और अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री में अभिनय के माध्यम से अपनी एक अलग पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। हाल ही में अमर संदेश के लिए प्रताप थलवाल से हुई विशेष बातचीत में अभिनेत्री रिया शर्मा ने अपने जीवन, संघर्ष, पारिवारिक सहयोग और अभिनय यात्रा के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया। बचपन का नाम संतोषी, लेकिन सपनों को हमेशा मिली नई उड़ान रिया शर्मा का जन्म पौड़ी गढ़वाल जिले के पाली गांव में हुआ। बचपन में उनका नाम संतोषी था, विवाह के बाद वह रिया शर्मा के नाम से पहचानी जाने लगीं। उनके पिता त्रिलोक चंद्र बंदूनी ने बचपन से ही उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। स्कूल के दिनों में भाषण, खेलकूद और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने से उनके भीतर मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का आत्मविश्वास विकसित हुआ। दुगड्डा से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने कोटद्वार से बीएससी की पढ़ाई पूरी की। विवाह के बाद दिल्ली आने पर भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और पति संजय शर्मा के सहयोग एवं प्रोत्साहन से एमबीए की डिग्री हासिल की। कॉर्पोरेट जगत में काम किया, फिर चुना अभिनय का रास्ता रिया ने अपने व्यावसायिक जीवन में Godrej, Kortec Electronics, Max Life Insurance और Max Bupa जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्य किया। इस दौरान उन्हें कॉर्पोरेट क्षेत्र का अच्छा अनुभव मिला। जीवन के एक पड़ाव पर विदेश में रहने का अवसर भी मिला, लेकिन छोटे बच्चों की परवरिश को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों को पहले स्थान पर रखा। रिया बातचीत में बताती हैं कि उनके इस सफर में पति संजय शर्मा, सास-ससुर और भाइयों का सहयोग हमेशा महत्वपूर्ण रहा। परिवार के इसी प्रोत्साहन ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का हौसला दिया। कोरोना के बाद संस्कृति से जुड़ाव ने दिखाई अभिनय की नई राह कोरोना काल के बाद उनकी मित्र मनोरमा तिवारी के माध्यम से उन्हें उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों से जुड़ने का अवसर मिला। अपनी पहाड़ी बोली, भाषा और संस्कृति के प्रति लगाव ने उन्हें सांस्कृतिक गतिविधियों की ओर आकर्षित किया। इसी दौरान उनके भीतर छिपी कलाकार को एक नई दिशा मिली और दिसंबर 2022 में उन्होंने फिल्मी दुनिया में अपने अभिनय सफर की शुरुआत की। रिया की अभिनय यात्रा की खास बात यह रही कि उन्होंने पहले फिल्मों में काम करना शुरू किया और बाद में अभिनय की बारीकियां सीखने तथा अपने किरदारों को बेहतर ढंग से समझने के उद्देश्य से थिएटर का रुख किया। 10 से अधिक फिल्मों में किया अभिनय, अलग-अलग भाषाओं में बनाई पहचान रिया शर्मा अब तक 10 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुकी हैं। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘शहीद’, ‘माँ सुरकंडा’, ‘द्वी होला जब साथ’, ‘असागर’, ‘भोला काका’ और हिंदी फिल्म ‘दून एक्सप्रेस रहस्यमय युद्धवीर, आई लव। प’ शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने दो शॉर्ट फिल्मों और ओड़िया फिल्म ‘रहस्यम’ में भी काम किया है। उनकी आगामी फिल्मों में ‘चुनकी’ और ‘आई लव पुलिंडा’ “छुणकी” शामिल हैं। अलग-अलग भाषाओं और विषयों पर आधारित फिल्मों में काम करने का अनुभव उनके अभिनय को नए आयाम दे रहा है। रिया शर्मा ने बातचीत के दौरान बताया कि उनके फिल्मी करियर की शुरुआत दीपविजन के बैनर तले विमल उनियाल जी के माध्यम से मिले पहले अवसर से हुई। वहीं, अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री The Footsteps of Mahaprajapati Gautami में महाप्रजापति गौतमी की भूमिका निभाना उनके अभिनय सफर का विशेष अनुभव रहा। उनके अनुसार, इस ऐतिहासिक किरदार को निभाने वाली वह पहली महिला अभिनेत्री हैं। उन्होंने कहा कि दीपविजन के बैनर तले मिला पहला फिल्मी ब्रेक रिया शर्मा ने बातचीत के दौरान बताया कि उनके फिल्मी करियर की शुरुआत दिसंबर 2022 में हुई। उन्हें फिल्मों में पहला अवसर दीपविजन (Deepvision) के बैनर तले श्री विमल उनियाल ने दिया। इस शुरुआत ने उनके अभिनय सफर को नई दिशा दी। इस दौरान शोभना रावत स्वामी का नाम भी उनके सफर से जुड़े महत्वपूर्ण सहयोग और प्रेरणा के रूप में सामने आता है। थिएटर ने अभिनय को दी नई गहराई फिल्मों में काम करने के बाद रिया ने महसूस किया कि एक कलाकार के लिए रंगमंच का अनुभव बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से वह थिएटर से जुड़ीं और ‘मूक यात्रा’, ‘कुरचम कुर्चा’, ‘बाला गोरिया’ तथा ‘लव बनके अब हमारी फिल्म’ जैसे नाटकों में अभिनय किया। उनका मानना है कि थिएटर कलाकार को किरदार की भावनाओं, संवादों और अभिनय की बारीकियों को समझने का अवसर देता है। हर मंच और हर नया किरदार सीखने की एक नई प्रक्रिया है। अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री में महाप्रजापति गौतमी की भूमिका बनी खास उपलब्धि रिया शर्मा की अभिनय यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री The Footsteps of Mahaprajapati Gautami है। इसमें उन्होंने महाप्रजापति गौतमी की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बौद्ध इतिहास में प्रथम भिक्षुणी के रूप में प्रतिष्ठित महाप्रजापति गौतमी के चरित्र को पर्दे पर निभाना उनके लिए गर्व और यादगार अनुभव रहा। रिया के अनुसार, इस तरह के ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण व्यक्तित्व का किरदार निभाना एक कलाकार के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसके माध्यम से उन्हें इतिहास, नारी शक्ति और संवेदनाओं को अभिनय के जरिए अभिव्यक्त करने का अवसर मिला। उत्तराखंड की संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़ाव अभिनय के साथ-साथ रिया शर्मा उत्तराखंड की लोकभाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के प्रति भी विशेष रुचि रखती हैं। उनका मानना है कि क्षेत्रीय सिनेमा और युवा कलाकार उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। महिलाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश विशेष बातचीत के दौरान रिया ने महिलाओं के लिए संदेश देते हुए कहा कि परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ अपनी प्रतिभा और सपनों को भी जीवित रखना चाहिए। जीवन में परिस्थितियां कभी-कभी हमें अपने लक्ष्य से दूर कर देती हैं, लेकिन अवसर मिलने पर दोबारा शुरुआत करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनका संदेश है, “सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती। जिंदगी आपको कितनी भी बार नई शुरुआत का मौका दे, बस खुद पर विश्वास रखिए, अपनी प्रतिभा को पहचानिए और आगे बढ़ते रहिए।” संतोषी से रिया शर्मा तक का यह सफर केवल नाम और पहचान बदलने की कहानी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, पारिवारिक सहयोग और अपने सपनों के प्रति समर्पण की कहानी है। पहाड़ की इस बेटी का अभिनय सफर आज भी जारी है। आने वाले समय में वह नए किरदारों और विभिन्न भाषाओं की फिल्मों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को और निखारना चाहती हैं। अमर संदेश परिवार की ओर से अभिनेत्री रिया शर्मा को उनके उज्ज्वल भविष्य एवं आगामी अभिनय सफर के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
कॉर्पोरेट जगत से रंगमंच और सिनेमा तक का सफर ,परिवार की जिम्मेदारियों के बीच कभी नहीं छोड़ा अपने सपनों का साथ–रिया शर्मा
नई दिल्ली। पहाड़ की मिट्टी में जन्मे सपने जब मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं, तो सफलता की नई राहें बनाते हैं। जीवन की पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने अभिनय के जुनून को जीवित रखते हुए फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली अभिनेत्री रिया शर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक है। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के पाली गांव की रहने वाली रिया शर्मा ने फिल्मों, थिएटर और अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री में अभिनय के माध्यम से अपनी एक अलग पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।






